
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी मामले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की ओर से पेश किए गए करीब 9500 पन्नों के छठे पूरक चालान में कथित अवैध वसूली को लेकर एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, कोयला परिवहन के साथ-साथ लौह अयस्क पैलेट के परिवहन पर भी 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
मामले में EOW ने 12 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र पेश किया है। जांच एजेंसी ने डायरी, व्हाट्सऐप चैट, बैंक लेन-देन, संपत्ति दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका का विवरण चालान में शामिल किया है। हालांकि, इन सभी आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ही किया जाना है।
कोयले में 25, पैलेट में 100 रुपये प्रति टन का आरोप
EOW की जांच के अनुसार कोयला परिवहन से कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की व्यवस्था बनाई गई थी। ताजा पूरक चालान में आरोप है कि लौह अयस्क पैलेट के परिवहन में भी अलग से 100 रुपये प्रति टन की रकम वसूली जाती थी। इस तरह पैलेट में बताई गई राशि कोयले की कथित लेवी से चार गुना अधिक थी।
पैलेट उद्योगपतियों की बैठक का भी उल्लेख
चालान में जांच एजेंसी ने तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म जयप्रकाश मौर्य की भूमिका का भी उल्लेख किया है। EOW के अनुसार, मौर्य द्वारा पैलेट उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों की बैठक लेकर सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को 100 रुपये प्रति टन देने के निर्देश दिए जाने के तथ्य जांच में सामने आए हैं। जब्त डायरियों में भी इस कथित वसूली से संबंधित प्रविष्टियां मिलने का दावा किया गया है।
12 आरोपियों के नाम चालान में
छठे पूरक चालान में राम गोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा के नाम शामिल बताए गए हैं।
डायरी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच
जांच एजेंसी ने कथित लेवी से जुड़े लेन-देन को ट्रैक करने के लिए जब्त डायरियों, व्हाट्सऐप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों का सहारा लिया है। EOW के अनुसार, जांच में कथित तौर पर वसूली गई रकम के संग्रह, उसके वितरण और जमीन, वाशरी तथा अन्य संपत्तियों में निवेश से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं।
महत्वपूर्ण: EOW की चार्जशीट में दर्ज आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं। किसी आरोपी की दोषसिद्धि अभी न्यायालय के अंतिम निर्णय का विषय है।

Live Cricket Info