Janjgir Champa News: – कुर्सी के लिए सियासी ‘संगीत’ सत्ता के नेताओं ने समापन समारोह की गरिमा पर लगाया दाग,मचा बवाल, नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुआ विवाद,देखिए video….

Janjgir Champa News : – जांजगीर में आयोजित जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 के समापन समारोह में कुर्सियों को लेकर विवाद हो गया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित सीटों पर सत्ता धारी पार्टी के कुछ नेताओं के बैठने से बहस शुरू हुई।मामला इतना बढ़ा कि सत्ता पक्ष के नेताओं और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच खुली तकरार हो गई।पहले दो दिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और विपक्ष ने कोई बयानबाज़ी नहीं की थी।इसी दौरान लोक गायिका आरु साहू की प्रस्तुति के बीच विवाद शुरू हो गया।वही इसी पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के पहुंचने पर स्थिति सामान्य हुई, लेकिन घटना ने राजनीतिक मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए।

Janjgir Champa News: – जांजगीर चांपा तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक अमला रातदिन हर संभव प्रयास किया जा रहा था में जुटा रहा। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अतिथि की व्यवस्थाहर स्तर पर अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रहे। पहले दो दिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। विपक्ष की ओर से भी कोई बयानबाज़ी नहीं हुई और आयोजन व्यवस्थित नजर आया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

लेकिन शुक्रवार को समापन समारोह में अचानक माहौल बदल गया। मंच के सामने वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित सीटों पर सत्ता धारी पार्टी के कुछछूटभैयानेता जाकर बैठ गए। आपत्ति जताई गई तो मामला सुलझाने के बजाय बहस का रूप ले बैठा। देखते ही देखते सत्ता पक्ष के नेताओं और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच खुली तकरार शुरू हो गई।

सबसे अहम बात यह रही कि इस पूरे विवाद में विपक्ष कहीं नहीं था। आमनेसामने थे सत्ता धारी पार्टी के ही नेता और प्रशासनिक अधिकारी। यानी मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी था, और सामने सत्ता बनाम प्रशासन का सीधा टकराव दिखाई दे रहा था। सवाल उठता हैजब प्रशासन आयोजन को सफल बनाने में लगातार जुटा रहा, तो असंतोष होने पर भी सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार क्यों? क्या वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के लिए तय सीटों पर बैठना इतना जरूरी था कि पूरे कार्यक्रम की गरिमा दांव पर लग जाए?

जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी और उपाध्यक्ष ने भी इस घटनाक्रम पर आपत्ति दर्ज कराई। आयोजन समिति समझाइश देती रही, लेकिन दर्शकों के बीच असहजता बनी रही।इसी दौरान छत्तीसगढ़ की चर्चित लोक गायिका आरु साहू मंच पर प्रस्तुति दे रही थीं। लेकिन गीतों की गूंज से ज्यादा चर्चा नेताओं की बहस की हो रही थी।बाद में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के पहुंचने के बाद माहौल शांत हुआ फिर सभी अपनी तय कुर्सी पर पहुंचे गए।

  झूठी लूट की कहानी का पर्दाफाश शनिवार को — पुलिस खोलेगी पूरा राज़

तीन दिन के इस महोत्सव का अंत एक कड़वे संदेश के साथ हुआजब जिम्मेदार पदों पर बैठे नेता सार्वजनिक कार्यक्रम में अनुशासन की मर्यादा भूल जाएं, तो सवाल सिर्फ कुर्सी का नहीं रहता, राजनीतिक संस्कृति का भी हो जाता है।

अब सवाल यही हैजब प्रशासन आयोजन को सफल बनाने में लगातार लगा रहा, तो प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्टि होने पर भी क्या विवाद जरूरी था? क्या संवाद होना जरूरी था?तीन दिन के इस महोत्सव का अंत एक ऐसे दृश्य के साथ हुआ, जिसने उत्सव से ज्यादा राजनीतिक व्यवहार पर बहस छेड़ दी है।

Live Cricket Info