
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर हुई करीब 15 घंटे लंबी बहस का अंत सत्ता पक्ष के आत्मविश्वास और विपक्ष की रणनीतिक हार के साथ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष के हर आरोप का जवाब देते हुए न केवल अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड सदन में रखा, बल्कि पूरे भरोसे के साथ यह भी दावा किया कि अगला विधानसभा चुनाव भाजपा 70 से अधिक सीटों के साथ जीतेगी। देर रात ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के साथ ही साय सरकार ने सदन के भीतर अपना बहुमत भी साबित कर दिया।
“यह सरकार नहीं, जनता के जनादेश के खिलाफ अविश्वास”
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब की शुरुआत कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक हमले से की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के जनादेश के खिलाफ है। विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और नगरीय निकाय चुनावों में जनता लगातार भाजपा पर भरोसा जता चुकी है। ऐसे में कांग्रेस का यह कदम जनता के फैसले को चुनौती देने जैसा है।
सदन में सरकार का रिपोर्ट कार्ड, विपक्ष के आरोपों का जवाब
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार ने ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री की गारंटी को जमीन पर उतारने का काम किया है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, पांच नए मेडिकल कॉलेज, मुख्यमंत्री एआई मिशन, युवाओं के लिए रोजगार और नई औद्योगिक नीति जैसे फैसलों को सरकार की उपलब्धियों के रूप में पेश किया।
भूपेश सरकार के कार्यकाल पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस शासनकाल पर हमला बोलते हुए शराब घोटाला, कोयला घोटाला, डीएमएफ, महादेव एप, राशन वितरण और पीएससी भर्ती विवाद जैसे मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं ने व्यवस्था को कमजोर किया, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
“आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री बना, यही कांग्रेस को स्वीकार नहीं”
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने भावनात्मक राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एक आदिवासी परिवार से आने वाले व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना स्वीकार नहीं हो रहा है। भाजपा ने आदिवासी समाज को नेतृत्व देने का काम किया है, जबकि कांग्रेस ने उन्हें हमेशा केवल वोट बैंक की तरह देखा।
70+ सीटों का दावा, कांग्रेस पर बड़ा राजनीतिक हमला
मुख्यमंत्री ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कामकाज पर भरोसा कर रही है और अगली बार पार्टी 70 से अधिक सीटें जीतकर फिर सरकार बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की राजनीति अब जनता की उम्मीदों से कट चुकी है।
15 घंटे चली बहस, ध्वनिमत से गिरा अविश्वास प्रस्ताव
दोपहर से शुरू हुई बहस देर रात तक चली। सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक फैसलों और विभिन्न योजनाओं को लेकर सरकार को घेरा, जबकि भाजपा ने कांग्रेस के शासनकाल को भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी का दौर बताया। आखिर में विधानसभा अध्यक्ष ने ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव को खारिज घोषित कर दिया और मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
राजनीतिक संदेश साफ
अविश्वास प्रस्ताव पर हुई यह बहस केवल सदन की औपचारिक कार्यवाही तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे अपनी सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करने का अवसर बनाया, जबकि कांग्रेस ने सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि अंतिम फैसला सत्ता पक्ष के पक्ष में गया और भाजपा ने इसे जनता के विश्वास की जीत बताया।

Live Cricket Info


Leave a Reply