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कागजों में ‘मृत’ घोषित कोटवार पहुंचा हाई कोर्ट; बोला- “साहब, मैं अभी जिंदा हूं”

बिलासपुर: सरकारी सिस्टम की लापरवाही का एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पोल खोल कर रख दी है। जिस व्यक्ति के जीवित होने के तमाम सबूत मौजूद थे और जो खुद अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, उसे सरकारी फाइलों में ‘मृत’ घोषित कर नौकरी से ही हटा दिया गया।

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यह अनोखा मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने न सिर्फ याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी, बल्कि कमिश्नर के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया जिसने एक जिंदा इंसान को कागजों पर मार दिया था।

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पूरा मामला क्या है?

यह मामला जशपुर जिले के मनोरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गजमा का है। यहां मरियानुस एक्का नाम के व्यक्ति कोटवार के पद पर कार्यरत थे।

एसडीओ (SDO) का फैसला: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने पहले मरियानुस से जुड़े इस मामले को खारिज कर दिया था।

कमिश्नर की बड़ी लापरवाही: जब मामला आगे बढ़ा, तो कमिश्नर कोर्ट ने बिना तथ्यों की ठीक से जांच किए मरियानुस एक्का को कागजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया और सेवा से बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया।

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हाई कोर्ट में गुहार: खुद को कागजों में मरा हुआ देखकर हैरान-परेशान मरियानुस ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट के सामने पेश होकर कहा— “साहब, मैं अभी जिंदा हूं।”

हाई कोर्ट का सख्त रुख और फैसला

जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

“जब शासन की अपनी खुद की जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हो चुकी है कि याचिकाकर्ता मरियानुस एक्का जीवित है, तो कमिश्नर का उन्हें मृत घोषित करने वाला आदेश पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण और आधारहीन है।”

— छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु:

कमिश्नर का आदेश निरस्त: हाई कोर्ट ने कमिश्नर द्वारा जारी किए गए उस आदेश को तुरंत प्रभाव से खारिज कर दिया जिसमें मरियानुस को मृत बताया गया था।

अधिकार बहाल: कोर्ट ने याचिकाकर्ता के कोटवार पद और उससे जुड़े अधिकारों को बहाल करने की दिशा में बड़ा फैसला सुनाया।

प्रशासन को फटकार: कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को भविष्य में इस तरह की गंभीर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी है।

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प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

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