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छत्तीसगढ़बड़ी ख़बर

कोकड़ी के पत्थर खदान में फिर हादसा, घन पड़ने से मजदूर की मौत
सुरक्षा और खदान लीज को लेकर खनिज विभाग एवं ठेकेदार पर उठी उंगली

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दीपक साहू

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धमतरी। ग्राम कोकड़ी  नारी के पत्थर खदान में फिर गम्भीर हादसा हो गया। इस बार पत्थर तोड़ते वक्त आंख के पास  उल्टे घन हथौड़ा छींटकने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई।जिसके बाद उक्त खदान में सुरक्षा व्यवस्था और लीज को लेकर ठेकेदार एवं खनिज विभाग पर उंगली उठ रही है। जानकारी के मुताबिक कुरुद थानांतर्गत ग्राम कोकड़ी नारी में बस्ती से कुछ दूर पर वर्षों से चार पत्थर खदान संचालित
है। हाथ करघा भवन के पास स्थित एक खदान में गुरुवार को सुबह करीब 7 बजे गांव के मजदूर जितेंद्र कुमार पिता बलदेव सिंह ध्रुव 38 साल अपने साथी नीरज उर्फ बाली निषाद के साथ पत्थर तोड़ रहा था। तभी घन हथौड़ा छिटकर कर उल्टे उनके दांये आंख के पास जोरदार पड़ गया। जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे वहां मौजूद लोगों ने तत्काल नयापारा अस्पताल ले गया। लेकीन वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।बताया जा रहा है कि हथौड़ा पड़ने के बाद भारी रक्तस्राव हुआ। जिससे मजदूर की मौत हो गई। लोगों ने बताया कि यहां पत्थर तोड़ने क्रेशर मशीन का उपयोग किया जाता है। किंतु वह खराब होने से ठेकेदार मजदूरों को इस काम में लगा दिया गया। जिससे वह गम्भीर हादसे का शिकार हो गया। जिससे उक्त पत्थर खदान में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खदान के लीज को लेकर ग्रामीणों ने खनिज विभाग और सम्बंधित ठेकेदार पर सवाल उठा रहे हैं। इस मामले में गोबरा नयापारा थाना पुलिस ने सरकारी अस्पताल मेमो के आधार पर पंचनामा कार्यवाही कर मजदूर जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द एवं जीरो में कायमी कर मामले को कुरुद थाना रिफर कर रही है। ज्ञात हो कि 22 जुलाई 2023 को उक्त खदान में ब्लास्टिंग के दौरान करीब दो सौ मीटर दूरी पर स्थित प्राथमिक शाला में मध्यान्ह भोजन के बाद  स्कूल मैदान में खेल रही तीसरी कक्षा की छात्रा रागनी 8 वर्ष पिता भोजराज ध्रुव के ऊपर पत्थर का टुकड़ा गिरने से वह गम्भीर रूप से घायल हो गई थी। जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने थाना पहुंच काफी हंगामा किया था और खदान सील करने मांग की थी।जिसके बाद माइनिंग विभाग के अफसरों ने कलेक्टर के निर्देश पर खदान सील कर दिया था। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध भी किया गया था। फिर उक्त खदान का पुनः संचालन कैसे शुरू हुआ? इसे लेकर ग्रामीणों में रोष जाहिर कर रहे हैं।

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