25 लाख दीयों की रोशनी से रायपुर में बना इतिहास, ‘आशीर्वाद का दीया’ विश्व रिकॉर्ड में दर्ज
रायपुर से गांवों तक 1.50 करोड़ से अधिक दीप प्रज्वलित, जनभागीदारी ने रचा नया अध्याय

रायपुर, 18 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने जनभागीदारी का ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसने प्रदेश को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस अभियान में रायपुर में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों ने एक साथ रोशनी बिखेरी। इस ऐतिहासिक आयोजन का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
रायपुर में हुए मुख्य आयोजन से लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों, गांवों और शहरों तक लोगों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान में सहभागिता की। दीपों की रोशनी के माध्यम से सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों ने रचा कीर्तिमान
कार्यक्रम के मुख्य केंद्र रायपुर में 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। एक साथ बड़ी संख्या में दीप जलने से राजधानी का वातावरण रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा के प्रति शुभकामनाओं और जनभावनाओं की अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में दीप प्रज्वलित कर अभियान में भागीदारी की। इस तरह अलग-अलग स्थानों पर हुए आयोजनों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में 1.50 करोड़ से अधिक दीप जलाए गए।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की व्यापकता और इसमें हुई जनभागीदारी को देखते हुए आयोजन का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह उपलब्धि प्रदेशभर में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम की व्यापकता को रेखांकित करती है।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की जनता की सहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह और आत्मीयता के साथ हिस्सा लिया, वह उल्लेखनीय है।
दीयों की रोशनी में सेवा और जनभागीदारी का संदेश
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायपुर में 25 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन और प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से अधिक दीयों का जलना आयोजन की व्यापक जनभागीदारी को दर्शाता है। उनके अनुसार यह केवल दीप प्रज्वलन का आयोजन नहीं रहा, बल्कि सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना से जुड़ा सामूहिक कार्यक्रम बना।
‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत गांवों से लेकर शहरों तक विभिन्न स्थानों पर दीप जलाए गए। महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कई स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां और संदेश भी तैयार किए गए।
1.50 करोड़ से अधिक दीपों ने जोड़ा पूरा प्रदेश
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आयोजित कार्यक्रमों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ को व्यापक स्वरूप दिया। सार्वजनिक स्थलों, मंदिरों, चौक-चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों पर नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए। इस दौरान सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, ‘आशीर्वाद का दीया’ का विश्व रिकॉर्ड में दर्ज होना केवल एक आयोजन की उपलब्धि नहीं, बल्कि इसमें शामिल लाखों लोगों की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। दीपों की इस रोशनी ने छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी के एक बड़े आयोजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
‘आशीर्वाद का दीया’ के जरिए छत्तीसगढ़ ने एक साथ जलते 1.50 करोड़ से अधिक दीपों के माध्यम से जनभागीदारी का संदेश दिया और इस आयोजन ने विश्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर इतिहास के पन्नों में जगह बना ली।

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