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अटल जी की कांस्य धातु प्रतिमा क्वालिटी विवादः इंजीनियर के निलंबन के बाद अन्य दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन जारी

कोरबा 10 अगस्त। जिले के नगरीय निकाय कटघोरा क्षेत्र में स्थापित की गई पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कांस्य धातु की प्रतिमा पर खर्च किए गए 13 लाख और अटल परिसर के निर्माण पर कुल 30 लाख के खर्च के बावजूद प्रतिमा की क्वालिटी ने विवाद पैदा कर दिया। एक इंजीनियर चंद्रप्रकाश जायसवाल के निलंबन के बाद अन्य दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन जारी है। इधर कहा जा रहा है कि एक पत्र के आधार पर अधिकारी से लेकर ठेकेदार इस मामले में अपने साफ बच निकलने का रास्ता बना रहे हैं। वहीं खबर है कि भाजपा की ओर से मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय को की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में अहम् भूमिका तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की रही है, इसलिए उनकी यादों को अक्षुण्ण बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों में उनकी प्रतिमा लगाने का काम किया। सभी क्षेत्रों में इस योजना पर काम किया गया। कटघोरा नगरीय निकाय में यह काम भी सरकार के निर्देशों के अंतर्गत संपन्न हुआ, ऐसा दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर इस बारिश के सीजन में प्रतिमा का रंग और परत उखडने से कई सवाल खड़े हो गए। यहां-वहां शिकायत हुई तो मामला जांच के घेरे में आया। संयुक्त संचालक कार्यालय की टीम ने तकनीकी आधार पर इस मामले को खामियों से जुड़ा पाया और आगे जांच की बात की। नई खबर यह है कि हाल में ही एक पत्र वायरल हुआ है, जिसमें नगर पालिका सीएमओ के हस्ताक्षर हैं। यह पत्र 24 जुलाई 2026 को जारी हुआ। कहा गया कि निविदा में ठेकेदार की दर न्यूनतम होने के कारण कार्यादेश जारी किया गया और काम पूरा किया गया।

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27 जुलाई को सीएमओ और उप अभियंता ने संयुक्त निरीक्षण कर पाया कि अटल जी की प्रतिमा निर्धारित मानक के अनुरूप तैयार नहीं की गई। कई स्थान पर पपड़ी के रूप में धातु निकल रही है। इस पत्र के शीर्ष पर जारी करने व नीचे सीएमओ की मुहर पर 24 जुलाई 2026 की तिथि दर्ज है। जबकि पत्र के मुख्य हिस्से में लिखा गया है कि 27 जुलाई संयुक्त निरीक्षण किया गया। यानि जिस निरीक्षण के आधार पर ठेकेदार को पत्र जारी किया गया वह निरीक्षण पत्र जारी होने की तारीख के तीन दिन पहले दर्शित है। सवाल उठ रहे हैं कि यह एक सामान्य चूक है या किसी को बचाने की कोशिश। इसी बीच खबर है कि पीएमओ से जांच के लिए कोई पत्र भी जारी हुआ है। इस बारे में नगरीय निकाय विभाग के अधिकारी अली बख्श ने कहा कि फिलहाल उनके पास ऐसा कोई पत्र नहीं पहुंचा है।

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