✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
KORBA

बड़ी खबर छत्तीसगढ़ में गौ-संरक्षण की बड़ी पहल: प्रदेशभर में बनेंगे 1460 गौधाम, निराश्रित मवेशियों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

रायपुर, 5 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में निराश्रित और घुमंतू मवेशियों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ‘गौधाम योजना’ के तहत पूरे प्रदेश में 1,460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन और देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य गौ-संरक्षण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर उन्हें गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा। अब तक प्राप्त 408 आवेदनों में से 151 को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 88 गौधामों का पंजीयन पूरा हो चुका है। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में 5,109 निराश्रित पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के पास बनेगा पहला नेटवर्क

योजना के प्रथम चरण में ऐसे गौठानों को प्राथमिकता दी गई है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं और जहां आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की संख्या कम होगी और सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।

ग्राम पंचायतों को मिलेगी प्राथमिक जिम्मेदारी

  ऑपरेशन उपहार’ के तहत एसपी ने अनोखे अंदाज़ में मनाया जन्मदिन

गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, ट्रस्ट, एनजीओ और एफपीओ के साथ-साथ अब ग्राम पंचायतों को भी प्राथमिकता देकर कराया जाएगा। हाल ही में नियमों में संशोधन कर शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया

गौधाम की स्थापना जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा, पंचायत की अनापत्ति, भौतिक सत्यापन और छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग की समीक्षा के बाद ही स्वीकृत होगी। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अनुबंध और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा

सरकार का मानना है कि गौधाम योजना केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे ग्रामीण आजीविका, जैविक खेती, गोबर आधारित उत्पादों के निर्माण और ग्राम अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। विभिन्न जिलों से लगातार नए प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश में गौ-संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली यह योजना आने वाले समय में निराश्रित मवेशियों की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button