विष्णु भैया की CM हेल्पलाइन बनी जनता का सहारा! 2.31 लाख शिकायतें दर्ज, 89% का समाधान; किसी को पेंशन तो किसी को मिला आवास का पैसा

रायपुर। आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अब छत्तीसगढ़ में शासन और जनता के बीच संवाद का अहम माध्यम बनती दिखाई दे रही है। महज चार महीने के भीतर इस हेल्पलाइन पर 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। यानी अब तक प्राप्त शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि लोगों को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
रोजाना 1500 से 2000 शिकायतें, 25 हजार से अधिक मामले बाकी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अक्टूबर को नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक हेल्पलाइन पर कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 2,05,996 का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 25,854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने शिकायतों की स्थिति, विभागवार और जिलावार प्रदर्शन तथा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की जानकारी ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलेक्टरों से भी चर्चा की और शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एक ट्रांसफॉर्मर बदला, 80 से 85 परिवारों को मिली राहत
गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के दमन साहू ने मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत में बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से लगभग 80 से 85 परिवारों की बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत दर्ज होने के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब गांव में बिजली व्यवस्था सामान्य है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए।
शिकायत के 10 दिन में खाते में पहुंचे 55 हजार रुपये
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। राशि नहीं मिलने के कारण उनके आवास निर्माण का काम प्रभावित हो रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के लगभग 10 दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में आवास की दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये पहुंच गए। राशि मिलने के बाद वे अपने मकान का निर्माण आगे बढ़ा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को आवास की किस्त समय पर मिले, ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो।
नौ महीने से बंद पेंशन फिर शुरू, लंबित राशि भी मिली
मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने बताया कि उनकी माताजी को करीब नौ महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी। इससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद उनकी माताजी की पेंशन फिर से शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र लोगों को इसके लिए भटकना नहीं पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने खुद फोन पर लिया लोगों से फीडबैक
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर पूछा कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं। नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए और शिकायतों के निराकरण पर संतुष्टि जताई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के लिए कोई मामला सामान्य हो सकता है, लेकिन आम नागरिक के लिए वही समस्या बड़ी परेशानी बन सकती है। राशन, पेंशन, बिजली, पेयजल, आवास की किस्त या राजस्व संबंधी कार्यों में देरी किसी परिवार को लंबे समय तक परेशान कर सकती है। इसलिए हर शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लिया जाना चाहिए।
लापरवाही पर जवाबदेही, अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वहीं शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही होने पर जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बार-बार आने वाली शिकायतों से सुधरेगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाए। यदि किसी विभाग, योजना या सेवा से जुड़ी एक जैसी शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं, तो उनके मूल कारण की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए। इस तरह हेल्पलाइन व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के साथ नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने का माध्यम भी बनेगी।
उन्होंने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में हेल्पलाइन की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित विभिन्न माध्यमों से सीएम हेल्पलाइन 1076 का प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुंचे।
जनता का विश्वास मजबूत करना ही असली लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि शासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को भरोसा हो कि उसकी बात सुनी जाएगी और जायज समस्या का समय पर समाधान होगा।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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