कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड में शिक्षा विभाग का एक मामला इन दिनों चर्चा में है। आरोप है कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी टीपी उपाध्याय शासन के तबादला आदेश और वरिष्ठ सचिवों की समिति के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं। मामला सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) के तबादले से जुड़ा हुआ है, जहां पुराने अधिकारी को कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जबकि नए अधिकारी ने पदभार ग्रहण कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा 10 जुलाई 2025 को जारी प्रशासनिक तबादला आदेश में कटघोरा में पदस्थ ABEO अभिमन्यु टेकाम का तबादला जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह किया गया था। उनके स्थान पर हरिकृष्णा नायक को कटघोरा पदस्थ किया गया। नए अधिकारी ने कटघोरा पहुंचकर ज्वाइन भी कर लिया, लेकिन अभिमन्यु टेकाम ने स्थानांतरण नीति 2005 का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर मामला वरिष्ठ सचिवों की समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने विचार-विमर्श के बाद प्रशासनिक आधार पर किए गए तबादले को सही ठहराया और अभिमन्यु टेकाम की आपत्ति को निरस्त कर दिया। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा भी आदेश जारी कर उनका आवेदन अमान्य घोषित कर दिया गया।
इसके बावजूद आरोप है कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने अभिमन्यु टेकाम को अब तक कार्यमुक्त नहीं किया है। वर्तमान में कटघोरा शिक्षा कार्यालय में दो-दो ABEO कार्यरत बताए जा रहे हैं। इस स्थिति को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं शिक्षा विभाग को लेकर भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप भी लगातार सामने आते रहे हैं। विभाग में पदस्थापन, पदोन्नति, खरीदी और निलंबन-बहाली जैसे मामलों में कथित लेन-देन और प्रभाव के आधार पर काम होने की चर्चाएं आम हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ लोग मध्यस्थ की भूमिका निभाकर विभागीय कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि शासन और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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