छत्तीसगढ़ बनेगा Critical Minerals का नया Powerhouse, रक्षा से AI तक देश की Strategic Supply Chain को देगा ताकत
आठवीं ट्रेंच में छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक नीलामी के लिए शामिल, मुख्यमंत्री ने निवेशकों से सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। रक्षा उपकरणों से लेकर Clean Energy, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और Artificial Intelligence तक के लिए जरूरी Critical Minerals के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में सोमवार को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं ट्रेंच को लेकर आयोजित रोड शो में राज्य की खनिज संभावनाओं और निवेश के अवसरों को सामने रखा गया।

भारत सरकार के खान मंत्रालय की ओर से आयोजित इस रोड शो में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध Critical और Strategic Minerals के ब्लॉकों की नीलामी में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। आठवीं ट्रेंच में देश के सात राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक शामिल हैं, जिनमें 5 ब्लॉक छत्तीसगढ़ के हैं।
अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी
मुख्यमंत्री के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है। इनसे करीब 4 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद जताई गई है। राज्य में लिथियम, ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, टंग्स्टन, वैनेडियम और गैलियम सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिथियम, ग्रेफाइट और Rare Earth Elements जैसे खनिज बैटरी, ऊर्जा भंडारण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रक्षा उपकरण और आधुनिक विनिर्माण के लिए बेहद अहम हैं। छत्तीसगढ़ में कटघोरा और बस्तर क्षेत्र में लिथियम एवं दुर्लभ मृदा तत्व, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम तथा अन्य क्षेत्रों में निकेल और क्रोमियम की संभावनाएं बताई गई हैं।
40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू, 2800 किमी सर्वे
खनिजों की खोज को लेकर भी राज्य में गतिविधियां बढ़ी हैं। पिछले ढाई वर्षों में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जबकि 2,800 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है। सरकार का दावा है कि खनन गतिविधियों के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में राज्य के वन क्षेत्र में 1.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया।

ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल लॉन्च
रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-रेत संगवारी के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की पहल की गई है।
वहीं दंतेवाड़ा में टिन कारोबार से जुड़े आदिवासी परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से टिन पोर्टल शुरू किया गया है। कार्यक्रम में वित्तीय सहयोग और कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग प्रशिक्षण से जुड़े एमओयू भी किए गए।
केंद्र ने निवेश और स्टार्टअप्स को दिया न्योता
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने Critical और Strategic Minerals में आत्मनिर्भरता को देश की आर्थिक और सामरिक शक्ति के लिए जरूरी बताया। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खनिज ब्लॉकों की नीलामी का असर सिर्फ खनन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और रोजगार के रूप में इसका लाभ दिखाई देना जरूरी है। उन्होंने खनन क्षेत्रों में आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया।
देश में 88 Critical Mineral Blocks की प्रक्रिया शुरू
खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि देश में अब तक 88 Critical एवं Strategic Mineral Blocks की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं Rare Earth Element Block से हुई।
उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निवेशक अनुकूल बनाने के लिए समयबद्ध स्वीकृतियों, माइलस्टोन आधारित अनुपालन और Unified Mining Portal जैसे सुधार किए गए हैं।
Critical Minerals पर बढ़ता फोकस छत्तीसगढ़ के लिए खनन के साथ-साथ प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, रोजगार और नई औद्योगिक संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है। आठवीं ट्रेंच में राज्य के पांच ब्लॉक्स का शामिल होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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