भारतीय फिनटेक सेक्टर में रिकॉर्ड उछाल: AI और ग्रामीण विस्तार से बढ़ा विदेशी निवेश

नई दिल्ली: भारतीय वित्तीय प्रौद्योगिकी (Fintech) क्षेत्र ने चालू वित्त वर्ष में वैश्विक निवेशकों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींचा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल भुगतान के देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार के चलते विदेशी संस्थागत निवेश (FII) में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है।
प्रमुख आंकड़े और मुख्य बिंदु
- निवेश में वृद्धि: पिछले 6 महीनों में फिनटेक स्टार्टअप्स ने कुल $3.2 बिलियन का नया फंड जुटाया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 28% अधिक है।
- डिजिटल भुगतान का विस्तार: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में डिजिटल लेन-देन की मात्रा में 45% की सालाना वृद्धि देखी गई है।
- AI का प्रभाव: ऋण स्वीकृति (Loan Approval) प्रक्रिया में AI एल्गोरिदम के उपयोग से ऑपरेशनल लागत में लगभग 35% की कमी आई है।
नियामकीय स्पष्टता: केंद्रीय बैंक (RBI) द्वारा लाई गई नई ‘डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस’ से संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
बाजार का रुख और भविष्य की संभावनाएं
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि पारंपरिक बैंकिंग और फिनटेक कंपनियों की बढ़ती साझेदारी इस सेक्टर को नया आकार दे रही है। छोटे व्यापारियों (MSMEs) के लिए माइक्रो-क्रेडिट और कस्टमाइज्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की मांग सबसे तेजी से बढ़ रही है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत की मजबूत घरेलू खपत और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता ने इस सेक्टर को स्थिरता प्रदान की है। घरेलू वेंचर कैपिटल फर्म्स का अनुमान है कि वर्ष के अंत तक एआई-संचालित वेल्थटेक और साइबर-सुरक्षा समाधानों में सबसे बड़ा पूंजी निवेश देखने को मिलेगा।
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