महादेव सट्टा किंगपिन सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की CBI रिमांड, 94,400 करोड़ के कथित लेनदेन का खुलेगा राज !रायपुर की विशेष अदालत ने 12 नवंबर तक पूछताछ के लिए सौंपा, दिल्ली मुख्यालय में CCTV कैमरों की निगरानी में होगी पूछताछ

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की सीबीआई विशेष अदालत ने आठ दिनों की रिमांड पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। अदालत के आदेश के बाद अब सीबीआई की टीम उसे दिल्ली स्थित मुख्यालय ले जाकर 12 नवंबर तक पूछताछ करेगी। इस दौरान जांच एजेंसी सट्टेबाजी के नेटवर्क, कथित हवाला कारोबार और प्रभावशाली लोगों तक पहुंची रकम के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी।
94,400 करोड़ रुपये के लेनदेन की जांच
महादेव ऐप से जुड़े मामले में सबसे बड़ा सवाल इस नेटवर्क के जरिए हुए कथित वित्तीय लेनदेन का है। एनपीजी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से सितंबर 2026 में अदालत में दाखिल शिकायत में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 94,400 करोड़ रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन का अनुमान जताया गया है। अब सीबीआई की पूछताछ में इस रकम के स्रोत, लेनदेन के रास्तों और इसमें शामिल लोगों से जुड़े अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
हवाला नेटवर्क और कथित प्रोटेक्शन मनी पर नजर
जांच के प्रमुख बिंदुओं में सट्टेबाजी से अर्जित रकम को विदेश भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए कथित हवाला नेटवर्क और बेनामी बैंक खातों की भूमिका शामिल है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क को संचालित करने के लिए किन लोगों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी दी गई। इसमें राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र से जुड़े लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
हालांकि, रिमांड के दौरान सौरभ चंद्राकर से हुई पूछताछ और उसके कथित खुलासों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इन पहलुओं को जांच के दायरे में मौजूद आरोप और आशंकाएं ही माना जाना चाहिए।
3,000 से अधिक पैनल शाखाओं के नेटवर्क का दावा
महादेव सिंडिकेट पर क्रिकेट, फुटबॉल और दूसरे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने के लिए देशभर में 3,000 से अधिक अवैध पैनल शाखाएं संचालित करने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस नेटवर्क को फ्रेंचाइजी मॉडल पर फैलाया गया था। स्थानीय स्तर पर पैनल संचालकों के जरिए सट्टेबाजी कराई जाती थी और रकम को कथित तौर पर म्यूल बैंक खातों तथा हवाला चैनलों के माध्यम से आगे भेजा जाता था।
दुबई की आलीशान शादी से जांच एजेंसियों की नजर में आया मामला
सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात में हुई भव्य शादी भी इस मामले में चर्चा का बड़ा कारण बनी थी। रिपोर्ट में इस समारोह पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। मेहमानों को लाने के लिए निजी विमानों के इस्तेमाल और फिल्मी सितारों तथा कलाकारों को बुलाने की खबरों ने जांच एजेंसियों का ध्यान इस नेटवर्क की कमाई और खर्च के स्रोतों की ओर खींचा।
इसके बाद सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों की विदेशों में मौजूद संपत्तियों, कथित निवेश और सट्टेबाजी से अर्जित रकम के लेनदेन की जांच तेज हुई। एजेंसियों ने उसके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था। बाद में ओमान में हिरासत में लिए जाने के बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया के जरिए उसे भारत लाया गया।
12 नवंबर तक पूछताछ, कई सवालों के जवाब तलाशेगी CBI
आठ दिनों की रिमांड के दौरान सीबीआई के सामने कई अहम सवाल हैं। सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन किन लोगों के जरिए होता था, विदेशों में रकम कैसे पहुंचाई जाती थी, अलग-अलग पैनल शाखाओं से पैसा किस तरह एकत्र किया जाता था और कथित संरक्षण राशि किन लोगों तक पहुंचती थी – जांच एजेंसी इन पहलुओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद महादेव ऐप मामले में नए नाम और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं या नहीं, इस पर अब सभी की नजर रहेगी।

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