
रायपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को 1,364 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 25 स्वर्ण, 25 रजत और एक संस्थान स्वर्ण पदक सहित कुल 51 पदकों से सम्मानित किया गया। समारोह की बड़ी उपलब्धि संस्थान में सात नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी रहा, जो आधुनिक तकनीक और अनुसंधान को नई दिशा देंगे।
आत्मिका गांगेली बनीं ओवरऑल टॉपर
दीक्षांत समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। कुल 1,364 उपाधियों में स्नातक के 976, स्नातकोत्तर के 283 और पीएचडी के 105 विद्यार्थी शामिल हैं। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए ओवरऑल टॉपर का सम्मान मिला।
एआई से अंतरिक्ष अनुसंधान तक सात नए केंद्र
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इनमें इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन क्रिटिकल मिनरल्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, सेंटर ऑफ स्पेस एंड इंटरप्लेनेटरी एक्सप्लोरेशन (COSINE), मैराल सेंटर फॉर इनोवेशन इन रूरल एंड ट्राइबल हेल्थ, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एयरोस्पेस एंड ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजीज तथा सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड सस्टेनेबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष विज्ञान, एयरोस्पेस, जनजातीय स्वास्थ्य और सतत ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच तकनीकी सहयोग के नए अवसर भी विकसित होंगे।
युवा चुनौतियों को अवसर में बदलें : जी. किशन रेड्डी
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में देश के सामने कई चुनौतियां हैं। युवाओं को इन्हें अवसर के रूप में स्वीकार कर नए समाधान विकसित करने चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षा को समय की जरूरत बताया।
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता पर जोर
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश को महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी होगी। इसके लिए अनुसंधान संस्थानों को खनिजों की खोज, पहचान और उनके उपयोग की नई तकनीक विकसित करने में अहम भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को महत्वपूर्ण पहल बताया।
सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कोयला और धातुकर्म क्षेत्र में अनुसंधान की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से कोयले की मूल्य श्रृंखला को अधिक उपयोगी बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली तकनीकों के विकास पर जोर दिया।
821 प्लेसमेंट ऑफर, 60 लाख रुपये रहा सर्वोच्च पैकेज
एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2026 के बैच को कुल 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं और सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा। संस्थान ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में 1201 से 1400 के समूह में स्थान प्राप्त किया है। संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में जगह मिली है।
समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ मूलभूत वैज्ञानिक ज्ञान मजबूत रखने की सलाह दी। समारोह में उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, प्राध्यापकों और संस्थान के अधिकारियों की उपस्थिति रही। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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