PM मोदी का छत्तीसगढ़ के नाम आत्मीय संदेश : सरगुजा से बस्तर तक की यादें कीं साझा, नक्सलवाद के खात्मे को बताया विकास का निर्णायक मोड़
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को लिखा पत्र, 73 लाख परिवारों को मुफ्त अनाज और 22 लाख से अधिक आवासों का किया उल्लेख

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस पत्र में प्रधानमंत्री ने केवल बधाई संदेश ही नहीं दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ से अपने पुराने जुड़ाव, यहां की संस्कृति, सरगुजा से बस्तर तक की यात्राओं और प्रदेश में आए बदलावों को भी विस्तार से याद किया है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली निर्णायक सफलता को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि कभी रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राज्य सरकार के ‘अंजोर विजन’ को विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को दिशा देने वाला दस्तावेज बताया।
अटल बिहारी वाजपेयी के निर्णय को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। उन्होंने कहा कि 26 वर्ष पहले अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ और लाखों लोगों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार करने का अवसर मिला।
प्रधानमंत्री ने संगठन के दिनों से छत्तीसगढ़ से अपने विशेष लगाव का जिक्र किया। उन्होंने अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से प्रदेश के दौरे, सरगुजा के वनांचलों और बस्तर की धरती की यात्राओं को याद करते हुए यहां के लोगों की सरलता, सहजता, मेहनत और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की।
रेड कॉरिडोर से विकास के नए केंद्र बन रहे बस्तर के इलाके
पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता और बस्तर में हो रहे बदलावों को लेकर रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास की बड़ी बाधा बना रहा, लेकिन अब इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। इससे प्रदेश में शांति और विश्वास का वातावरण बना है तथा विकास कार्यों को गति मिली है।
उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग को इस बदलाव का आधार बताया। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों को बदलते बस्तर का प्रतीक बताते हुए नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
73 लाख परिवारों को मुफ्त अनाज, 22 लाख से अधिक आवास
प्रधानमंत्री ने जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में हो रहे बदलावों के आंकड़े भी साझा किए। पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हुआ है।
इसके साथ ही 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचने, करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने और लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का उल्लेख किया गया है।
25 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा उपज का बेहतर मूल्य
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि धान खरीदी की व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलों को भी कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल
महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ रही है।
रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार को विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध होती थी, जबकि अब प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।
पत्र में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम जारी होने, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी रेल सेवाओं तथा सड़क निर्माण के विस्तार का उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, रायपुर और बिलासपुर के बीच सड़क यात्रा का समय लगभग आधा हुआ है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे भी प्रदेश की कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसरों को नई गति देंगे।
शिक्षा, तकनीक और उद्योग में नए अवसर
प्रधानमंत्री ने एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे संस्थानों को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर जोर देने की बात भी कही।
नवा रायपुर को आधुनिक शहर के रूप में उभरता हुआ बताते हुए उन्होंने इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़ी संभावनाओं का उल्लेख किया। फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में निवेश और विकास की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बताया देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए इसे प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास की पावन जन्मभूमि बताया। उन्होंने कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा, लोककलाओं, लोकभाषाओं और जनजातीय परंपराओं की सराहना की।
पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को छत्तीसगढ़ की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश अपनी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
‘अंजोर विजन’ से विकसित भारत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री ने पत्र के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां हासिल करेगा। उन्होंने राज्य सरकार के ‘अंजोर विजन’ को विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा देने वाला बताया।
प्रधानमंत्री का यह पत्र राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेश के लिए शुभकामना संदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की अब तक की विकास यात्रा और आने वाले भविष्य की संभावनाओं का भी उल्लेख करता है।
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