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24 घंटे में गिरफ्तारी, 24 दिन में चालान… कोरबा के तिहरे हत्याकांड की विवेचना पर तत्कालीन CSP योगेश साहू को राष्ट्रीय सम्मान, वर्तमान में हैं ASP !

कोरबा। जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म और तिहरे हत्याकांड की यादें आज भी लोगों को झकझोर देती हैं। इस जघन्य अपराध की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) योगेश कुमार साहू को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक-2026 से सम्मानित किया है। वर्तमान में योगेश कुमार साहू कांकेर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर पदस्थ हैं।

यह सम्मान कोरबा में उनके कार्यकाल के दौरान की गई उस विवेचना के लिए मिला है, जिसमें पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार किया और 24 दिनों में न्यायालय के समक्ष चालान पेश कर दिया था।

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24 घंटे में गिरफ्तारी, 24 दिन में चार्जशीट

वर्ष 2021 में कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र में पहाड़ी कोरवा जनजाति के एक परिवार के साथ दिल दहला देने वाली वारदात हुई थी। एक ही परिवार के पिता, उनकी नाबालिग पुत्री और नातिन की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म की घटना भी सामने आई थी। वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

मामले की गंभीरता को देखते तत्कालीन ASP कीर्तन राठौर और तत्कालीन CSP योगेश कुमार साहू ने विवेचना की जिम्मेदारी संभाली। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान, वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़ते हुए महज 24 दिनों में न्यायालय के समक्ष चालान प्रस्तुत कर दिया गया।

पांच आरोपियों को मृत्युदंड, एक को आजीवन कारावास

इस जघन्य मामले में पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर न्यायालय ने 15 जनवरी 2025 को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश, FTSC (POCSO), कोरबा की अदालत ने पांच आरोपियों को मृत्युदंड तथा एक अन्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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इस फैसले ने मामले की गंभीरता और न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों की अहमियत को सामने रखा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ गुणवत्तापूर्ण विवेचना भी इस प्रकरण का महत्वपूर्ण पहलू रही।

कोरबा में किए गए काम को राष्ट्रीय पहचान

योगेश कुमार साहू को मिला केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक उनके कोरबा में किए गए अनुसंधान कार्य के लिए प्रदान किया गया है। वर्तमान में वे कांकेर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दिया जाने वाला यह पदक पुलिस अधिकारियों की उत्कृष्ट जांच, पेशेवर दक्षता और उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करता है। कोरबा में CSP रहते हुए किए गए उनके अनुसंधान कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले की पुलिसिंग के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

गिरफ्तारी से आगे, मजबूत विवेचना की मिसाल

अपराधियों की गिरफ्तारी पुलिस कार्रवाई का एक हिस्सा है, लेकिन न्यायालय में अपराध साबित करने के लिए मजबूत साक्ष्य और प्रभावी विवेचना बेहद जरूरी होती है। कोरबा के इस बहुचर्चित मामले में त्वरित गिरफ्तारी से लेकर समयबद्ध चालान और न्यायालय के फैसले तक की प्रक्रिया ने पुलिस अनुसंधान की भूमिका को रेखांकित किया है।

तत्कालीन CSP और वर्तमान ASP योगेश कुमार साहू को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। कांकेर पुलिस ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।

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