
रायपुर। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के रंगों से सजा तीन दिवसीय राज्योत्सव 3 नवंबर को यादगार समापन की ओर बढ़ेगा। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।
राज्योत्सव के अंतिम दिन मुख्य मंच से लेकर शिल्पग्राम तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रहेगी। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मश्री उषा बारले और बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुतियां शाम को खास बनाएंगी। वहीं शिल्पग्राम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कलाकार लोकनृत्य, लोकसंगीत, शास्त्रीय नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
अमित शाह की मौजूदगी में होगा राज्य अलंकरण समारोह
समापन समारोह का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन राज्य अलंकरण पुरस्कार वितरण होगा। शाम 7 बजे से 9 बजे तक आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। कला, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक जीवन सहित अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मान देकर उनके कार्यों को पहचान दी जाएगी।
शाम 6 बजे से मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
मुख्य मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत शाम 6 बजे होगी। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार 6 से 6:30 बजे तक लोकसंगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद शाम 6:30 से 7 बजे तक पद्मश्री उषा बारले अपनी विशिष्ट पंडवानी प्रस्तुति से दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोक एवं आध्यात्मिक परंपरा से रूबरू कराएंगी।
राज्य अलंकरण समारोह के बाद रात 9 बजे बॉलीवुड गायक अभिजीत भट्टाचार्य मंच संभालेंगे। उनके लोकप्रिय गीतों के साथ तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन का समापन संगीतमय माहौल में होगा।
शिल्पग्राम में दस प्रस्तुतियों से सजेगी शाम
शिल्पग्राम के मंच पर दोपहर 3 बजे से दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। इनमें पंथी नृत्य, जनजातीय लोकसंगीत, कथक, भजन, सूफी गायन और लोकनाट्य शामिल हैं। रायपुर की आस्था भट्ट भजनों की प्रस्तुति देंगी, दुर्ग की आरती बारले पंथी नृत्य प्रस्तुत करेंगी और कबीरधाम के राकेश सेन लोकनाट्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे।
इसके अलावा दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य, पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जागरण भजन प्रस्तुत करेंगी। अभिषेक सोनकर जनजातीय लोकसंगीत और नृत्य से आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाएंगे। दीपाली पांडे समूह कथक नृत्य और अनुष्णा रॉय चौधरी कथक की प्रस्तुति देंगी। वृद्धिमान वाचस्पति भारती सूफी संगीत तथा आनंदकुमार पांडे नाट्य प्रस्तुति देंगे।
स्थानीय कलाकारों को मिल रहा राष्ट्रीय मंच : राजेश अग्रवाल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक मंच देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि पंडवानी, पंथी, सुवा, करमा, लोकगीत और जनजातीय नृत्य छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है और प्रदेश की लोक संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने का अवसर मिल रहा है।
तीन दिनों में शिल्पग्राम के मंच पर कुल 30 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। 3 नवंबर को राज्य अलंकरण सम्मान, पद्मश्री उषा बारले की पंडवानी और अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों के साथ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का भव्य समापन होगा।

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