राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केन्द्र, रोबोट के साथ बच्चों ने खिंचवाई तस्वीरें, नव निर्माण के 26 वर्षों की विकास यात्रा को तस्वीरों और डिजिटल तकनीक से किया गया प्रस्तुत, शासन की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी लेने उमड़े लोग

रायपुर, 1 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के पहले दिन नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनी रही। ‘नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़’ की थीम पर सजी इस प्रदर्शनी में प्रदेश की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं, औद्योगिक निवेश, सुशासन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक झांकियों एवं डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी में पहुंच रहे लोगों को शासन की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी एक ही स्थान पर मिल रही है। सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति, समृद्ध संस्कृति और परिवर्तन का गढ़ जैसे विषयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के बदलते स्वरूप को प्रस्तुत किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित विकास गाथाओं ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
बस्तर की बदली तस्वीर और विकास की नई कहानी
प्रदर्शनी में नक्सल प्रभावित बस्तर की बदलती तस्वीर को विशेष रूप से दर्शाया गया है। दशकों तक बंदूक और बारूद के साये में रहे बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की नई उम्मीदों को प्रदर्शित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आए बदलाव को एलईडी के माध्यम से लोगों के सामने रखा गया।
युवाओं, महिलाओं, किसानों और बच्चों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान छत्तीसगढ़ जनमन किताब और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित ब्रोशर का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
रोबोट बना बच्चों और युवाओं का पसंदीदा आकर्षण
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक के साथ आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करने वाला चलित मनोरंजक रोबोट बच्चों और युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय रहा। बच्चों ने रोबोट से हाथ मिलाया और उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। डिजिटल एलईडी स्क्रीन और ई-कॉर्नर पर भी पहले दिन से ही आगंतुकों की भीड़ देखने को मिली।

रायपुर निवासी रीतिका साहू अपने सात वर्षीय बेटे वीरांश के साथ डिजिटल स्टॉल देखने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि डिजिटल एलईडी स्क्रीन और छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य ज्ञान क्विज बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है। इससे बच्चों को प्रदेश की संस्कृति, सभ्यता और विशेषताओं के बारे में रोचक तरीके से जानकारी मिलती है। उन्होंने रोबोट की भी सराहना की और बेटे के साथ तस्वीर खिंचवाई।
इसी तरह रायपुर से पहुंचे सुलभ सौरभ, अनिल रामटेके और ग्राम परसदा (राजिम) के टिकेश्वर निषाद ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की सराहना की। ई-कॉर्नर में सुशासन से समृद्धि पर आधारित प्रस्तुति को प्रदेश के विकास का आईना बताया।
सेवा सेतु से एआई डेटा सेंटर तक, विकास की जानकारी
प्रदर्शनी में सुशासन और औद्योगिक प्रगति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। इनमें सेवा सेतु के माध्यम से 942 सरकारी सेवाएं घर बैठे एक क्लिक पर उपलब्ध होने, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत 740 से अधिक सेवाओं के कानूनी अधिकार, सुशासन तिहार में 50 लाख आवेदनों के निराकरण और नवा रायपुर में पहले एआई डेटा सेंटर पार्क के आकार लेने जैसी उपलब्धियां शामिल हैं।

इसके साथ ही नवा रायपुर में दूसरे सेमीकंडक्टर यूनिट के निर्माण और सिंगल विंडो सिस्टम पर 187 सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी भी प्रदर्शित की गई।
संस्कृति और पर्यटन की विरासत भी बनी प्रदर्शनी का हिस्सा
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन स्थलों को भी आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें 600 साल पुराना और 75 दिनों तक चलने वाला विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा, 52 शक्तिपीठों में शामिल दंतेवाड़ा का मां दंतेश्वरी मंदिर, धान की 23 हजार से अधिक किस्मों वाला धान का कटोरा छत्तीसगढ़, 300 मीटर चौड़ा चित्रकोट जलप्रपात और 44 प्रतिशत वनक्षेत्र जैसी विशेषताओं की जानकारी दी गई।
राज्योत्सव के पहले दिन ही जनसम्पर्क विभाग की यह प्रदर्शनी लोगों को प्रदेश की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में सफल रही। तस्वीरों, डिजिटल तकनीक और रोबोट के अनूठे संगम ने इसे राज्योत्सव मैदान के प्रमुख आकर्षणों में शामिल कर दिया।

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