डामर उखड़ने से बदहाल हुई सड़कें  हर तरफ बड़े-बड़े गड्‌ढे गिट्‌टी के कारण भी चलना मुश्किल

विभागीय अफसर इस ओर मुड़कर भी नहीं देख रहे हैं

बिलासपुर / प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पंडरा पथरा और कोटा के बीच करीब चार साल पहले सड़क बनाई गई थी निर्माण के समय घटिया और कम डामर का उपयोग किए जाने से जरा-सी गर्मी में सड़कों से डामर उखड़ रहा है। कई सड़कों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुका है। वाहनों के गुजरने से सड़कों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। सड़कों पर हर तरफ गड्‌ढे हो गए हैं। गिट्‌टी भी निकल आए हैं। इस कारण सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।

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वाहनों के गुजरने से सड़कों पर उड़ रहे धूल के गुबार

बदहाली के यह हालात क्षेत्र की किसी एक सड़क के नहीं हैं। अधिकांश सड़कें इसी तरह बदहाल हो चुकी हैं। इन सड़कों पर बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं वाहनों में भी टूट-फूट हो रही है। खरगहनी, सिलदाह, की सड़कें इसी तरह बदहाल पड़ी हैं। ग्रामीणों ने समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अफसरों से शिकायत की लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है

5 साल में खस्ताहाल हो गई सड़क
कोटा क्षेत्र के ग्राम पंडरा पथरा और कोटा के बीच करीब चार साल पहले सड़क बनाई गई थी लेकिन विभागीय अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार द्वारा निर्माण में बरती गई लापरवाही के कारण सड़क उखड़कर जर्जर हो गई है। बावजूद इसके न तो अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार पर कोई कार्रवाई की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बीच पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 16,7 किमी की सड़क बनाई थी। इसके बाद से ठेकेदार ने सड़क के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।

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अफसर नहीं करते सामग्री की जांच
ग्रामीणों का कहना है ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित विभाग द्वारा सड़कें तो बना दी जाती हैं लेकिन इनके निर्माण के दौरान कोई भी इस ओर ध्यान नहीं देता। यही कारण है कि ठेकेदार निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करता है। अफसर भी इस सामग्री की गुणवत्ता की जांच नहीं करते। घटिया सामग्री से बनाए जाने के कारण ही सड़कें ज्यादा समय टिक नहीं पाती और उखड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है सड़क निर्माण के समय अफसरों को इसमें लगने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की जाना चाहिए।

ठेकेदार करते हैं तय मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान अपने फायदे के लिए ठेकेदार तय मानकों की अनदेखी करते हैं। घटिया सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। रतखंडी सल्का नवागांव से कोटा बिलासपुर ,सहित आसपास के अन्य गांवाें के लोग आवाजाही करते हैं। उन्हें परेशानी झेलना पड़ ररहा है।

चार साल से नहीं हुआ मेंटेनेंस
पंडरा पथरा से कोटा तक 16.7 किमी सड़क 20/05/ 2020 में करीब 1203.62 करोड़ रु. से बनाई थी। 2024 में निर्माण पूरा करने के बाद 5 साल तक ठेकेदार को गारंटी अवधि में सड़क की देखरेख और मेंटेनेंस करना था लेकिन लापरवाही बरतने के कारण 4 साल में सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई। इस सड़क से करीब 3 हजार लोगों की आवाजाही है।

16 किमी का सफर में लग रहा एक घंटा
16  किमी की सड़क पूरी तरह पथरीली हो चुकी है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही सड़क तप रही है। पत्थरों से पटी सड़क से गुजरने के दौरान वाहनों के टायर कट रहे हैं। 16 किमी का सफर तय करने में करीब एक घंटे का समय लग रहा है।

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