रक्षाबंधन 2025: शनि–मंगल का दुर्लभ संयोग, बहनों के लिए होगा अत्यंत शुभ — पंडित जागेश्वर अवस्थी

बिलासपुर। इस वर्ष रक्षाबंधन 9 अगस्त, शनिवार को देशभर में परंपरागत उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से यह अवसर बेहद खास है, क्योंकि इस बार भाईबहन के पवित्र पर्व पर शनि और मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो वर्षों में एक बार ही आता है।

रतनपुर स्थित भैरव बाबा मंदिर के प्रमुख महंत एवं ख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि शनिवार स्वयं शनि देव का दिन होता है, और इस दिन सुबह 8:18 बजे से प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। विशेष बात यह है कि शनि और मंगल इस दिन विपरीत स्थिति में युति बनाएंगे, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत प्रभावशाली और परिवर्तनकारी योग माना जाता है।

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यह योग कार्य सिद्धि, रोगों से मुक्ति, आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक सुखसौख्य देने वाला होता है। बहनों के लिए यह समय विशेष फलदायी है।” — पंडित अवस्थी

किन राशियों को मिलेगा लाभ?

विशेष लाभमेष, सिंह, वृश्चिक और मकर राशि: आर्थिक लाभ, करियर में उन्नति, पारिवारिक सुख। स्वास्थ्य और शांतिकन्या और तुला राशि: पुराने रोगों से मुक्ति, मानसिक शांति, नई ऊर्जा।

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भद्रा काल और शुभ मुहूर्त

पंडित अवस्थी के अनुसार 9 अगस्त को भद्रा प्रातः 9:30 बजे तक रहेगी। इसके बाद ही राखी बांधना शुभ रहेगा। सर्वोत्तम मुहूर्तदोपहर 1:30 बजे से शाम तक।

बहनों के लिए विशेष संदेश

यदि बहनें विधिपूर्वक पूजा और मंत्रजाप के साथ भाइयों को राखी बांधें, तो यह संयोग उनके सौभाग्य, घर में सुखशांति और समृद्धि को बढ़ाएगा। भाई की दीर्घायु और सफलता का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।

उपायरक्षाबंधन के दिन शनिमंगल की शांति हेतु मंत्र जाप करें और भाई की कुशलता के लिए संकल्पपूर्वक प्रार्थना करें, ताकि इस शुभ योग का पूरा लाभ मिल सके।

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