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नक्सल प्रभावित बांदे में देशभक्ति और भाईचारे का संगम 94 बटालियन,बीएसएफ़ के जवानों ने बहनों संग मनाया रक्षाबंधन

नक्सल प्रभावित बांदे में देशभक्ति और भाईचारे का संगम 94 बटालियन, बीएसएफ़ के जवानों ने बहनों संग मनाया रक्षाबंधन

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9 अगस्त — नक्सल प्रभावित बांदे क्षेत्र में देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) की 94 बटालियन के जवानों ने शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व भावनात्मक और यादगार अंदाज़ में मनाया। टैक मुख्यालय, बांदे में आयोजित इस विशेष आयोजन में कमांडेंट राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पाँच अधिकारी और 100 से अधिक बीएसएफ़ के जवान शामिल हुए।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य श्रीमती सुनीता मंडल और बांदे समिति की कई बहनें पहुँचीं। बहनों ने बीएसएफ़ के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया। मिठाई, शुभकामनाओं और हंसी-खुशी के बीच पूरा माहौल अपनापन और भावनाओं से भर गया।

बीएसएफ़ के जवानों ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार उन्हें घर-परिवार की याद दिलाते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी सेवा के संकल्प को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि जब परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभानी पड़ती है, तो ऐसे मौके मनोबल को नई ऊर्जा देते हैं।

कमांडेंट राघवेंद्र सिंह ने बहनों के स्नेह और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए उपहार भेंट किए। उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर भरोसे, सुरक्षा और समर्पण का प्रतीक है। इस परंपरा को हम आगे भी निभाते रहेंगे।”

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में ऐसे सांस्कृतिक और भावनात्मक कार्यक्रम उम्मीद, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते हैं। बीएसएफ़ के जवानों और नागरिकों के बीच यह जुड़ाव सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक रिश्तों को भी मज़बूत करता है।

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