कोरबा में भारतमाला प्रोजेक्ट पर ‘टेरर टैक्स’ का नया हथकंडा: सड़क पर मृत मवेशी रखकर वाहन चालकों से सरेआम वसूली

कोरबा। भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन उरगा-बिलासपुर मार्ग पर असामाजिक तत्वों का आतंक चरम पर है। इस मार्ग पर अभी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का आधिकारिक टोल टैक्स शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन दबंगों ने अपना खुद का ‘टेरर टैक्स’ वसूलना शुरू कर दिया है। रविवार को इस गुंडागर्दी की सारी हदें पार हो गईं, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मृत मवेशियों को बनाया वसूली का जरिया

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कम समय और सुगम सफर के लिए इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को बंधक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को असामाजिक तत्वों ने उरगा-बिलासपुर मार्ग के बीच सड़क पर मृत मवेशियों को रख दिया और आने-जाने वाले वाहनों को रोककर मनमानी अवैध वसूली (लूट) की।

पूर्व पार्षद की बेटी भी बनी शिकार, वीडियो जारी कर सुरक्षा पर उठाए सवाल

रायपुर जाते समय एमपी नगर की पूर्व पार्षद आशा जायसवाल की पुत्री भी इस भयावह स्थिति का शिकार हुईं। इस वसूली और दबंगई से परेशान होकर उन्होंने घटना का एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार लगाई है कि इस मार्ग पर यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इन असामाजिक तत्वों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।

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सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल: यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस मार्ग पर वाहन चालकों से अवैध वसूली और डराने-धमकाने के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस की गश्त और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विकल्प 2: डिजिटल/सोशल मीडिया हेडलाइन शैली (Shorter & Punchy)

🚨 कोरबा: भारतमाला रोड बना ‘वसूली का अड्डा’, सड़क पर लाशें रखकर वाहन चालकों को लूट रहे दबंग!

मामला: निर्माणाधीन उरगा-बिलासपुर भारतमाला मार्ग का।

नया हथकंडा: असामाजिक तत्वों ने बीच सड़क पर मृत मवेशी रखकर वाहनों को रोका और ‘टेरर टैक्स’ के नाम पर जबरन पैसे वसूले।

पीड़ित: रायपुर जा रही पूर्व पार्षद आशा जायसवाल की बेटी भी इस गुंडागर्दी का शिकार हुईं; वीडियो बनाकर प्रशासन से सुरक्षा की मांग की।

प्रशासन फेल?: पहले भी कई वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

बदलाव के मुख्य बिंदु:

भाषा को अधिक प्रवाहपूर्ण और पढ़ने में आसान बनाया गया है।

मुख्य घटना (मृत मवेशी रखना) और पीड़ित के पक्ष को हाइलाइट किया गया है।

‘टेरर टैक्स’ जैसे गंभीर मुद्दे को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है।

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