🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
कोरबाछत्तीसगढ़

वेदांता स्किल स्कूल से 13,000 से अधिक युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार

युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ रहा है बालको’

कोरबा।  तेजी से बदलते औद्योगिक परिदृश्य में कुशल मानव संसाधन की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ग्रामीण युवाओं, विशेषकर जनजातीय समुदाय के युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। कंपनी द्वारा संचालित वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। कोरबा, सरगुजा और कवर्धा में संचालित इन प्रशिक्षण केंद्रों से अब तक 13,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिससे वे आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में अग्रसर हुए हैं।

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

वेदांता स्किल स्कूलों में युवाओं को पूर्णतः निःशुल्क आवासीय व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों में वेल्डर, फिटर, हॉस्पिटैलिटी, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर पीवी तकनीशियन, मोबाइल रिपेयरिंग और इलेक्ट्रीशियन सहित सात प्रमुख ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वित्त वर्ष 2026 में 1,202 युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को फॉक्सकॉन, वेलस्पन, क्रॉम्पटन ग्रीव्स, अडानी, वोल्वो आइशर, बारबेक्यू नेशन तथा टाटा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी अग्रणी कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, बेंगलुरु में ऑपरेटर (एफएलएबी) के रूप में कार्यरत लाभार्थी निशा यादव ने कहा, “ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली एक लड़की के लिए तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना आसान नहीं था, लेकिन वेदांता स्किल स्कूल ने मुझे यह विश्वास दिलाया कि प्रतिभा और मेहनत का कोई लिंग नहीं होता। यहां मिले व्यावहारिक प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास और उद्योगों से जुड़ाव ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज मैं टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स में कार्यरत हूं, अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी निभा रही हूं और अपनी मां के उपचार में सहयोग कर पा रही हूं। यह केवल मेरी नौकरी नहीं, बल्कि मेरे परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और नए सपनों की शुरुआत है।”

महाराष्ट्र के धुले स्थित कृष्नाई होटल के फूड एंड बेवरेज विभाग में कैप्टन के रूप में कार्यरत लाभार्थी वंदना निराला ने कहा, “वेदांता स्किल स्कूल ने मेरे जीवन को नई दिशा और नई पहचान दी। मैंने एक स्टुअर्ड के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन यहां मिले प्रशिक्षण, संचार कौशल, पेशेवर व्यवहार और नेतृत्व क्षमता के विकास ने मुझे आज कैप्टन के पद तक पहुंचाया है। सबसे अधिक संतोष इस बात का है कि मैं अपने माता-पिता का सहारा बन सकी, अपने भाइयों की शिक्षा में सहयोग कर सकी और परिवार के नए घर के निर्माण में योगदान दे पाई। मेरी सफलता यह साबित करती है कि सही अवसर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण किसी भी युवा के सपनों को नई उड़ान दे सकता है।”

  हाथी शावक की मौत : जंगल में बने स्टॉप डैम में फंसा, जांच में जुटा वन विभाग

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के विनोद कुम्हार ने वेदांता स्किल स्कूल से मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना स्वयं का ‘विनोद मोबाइल रिपेयरिंग’ व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने कहा, “मैं रोजगार की तलाश में था, लेकिन वेदांता स्किल स्कूल ने मुझे रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का आत्मविश्वास दिया। यहां प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण, व्यावसायिक समझ और ग्राहक सेवा से जुड़ी सीख ने मुझे अपना मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया। आज मैं अपना स्वयं का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रहा हूं और सम्मानजनक आय अर्जित कर अपने परिवार का सहारा बना हूं। मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैंने आत्मनिर्भर बनने के साथ यह विश्वास भी हासिल किया कि कौशल ही सबसे बड़ी पूंजी है और यही बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।”
तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वैल्यू-एडेड मॉड्यूल, औद्योगिक भ्रमण, उद्योग विशेषज्ञों से संवाद, सुरक्षा प्रशिक्षण, कर्मचारी स्वयंसेवकों द्वारा मेंटरशिप तथा एलुमनाई इंटरैक्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और व्यावसायिक दक्षता का विकास करते हैं। वेदांता स्किल स्कूल गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास और उद्योगों से मजबूत जुड़ाव के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है। बालको का विश्वास है कि कौशल विकास सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की आधारशिला है। कंपनी भविष्य में भी युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button