🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़बड़ी ख़बररायपुर

रक्षाबंधन से पहले ‘स्नेह की डोर’ : शहीद की पत्नी ने CM साय को बांधी राखी, बोले – नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार

करीब 800 जवानों की कलाइयों पर सजी राखी, मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को बताया अपना परिवार; 68 लाख बहनों को मिलेंगे 631 करोड़ रुपये

रायपुर। रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावुक संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के करीब 800 जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी।

Advertisement Carousel

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए और उन्होंने शहीद जवान के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और सरकार उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ी रहेगी।

‘नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार’

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है।

उन्होंने कहा कि अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का रास्ता खोला है।

अब हिंसा नहीं, शांति और विकास बनेगी बस्तर की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाए जा रहे हैं।

800 जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के करीब 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों को राखी बांधी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले जवानों को बहनों द्वारा राखी बांधना रक्षाबंधन के व्यापक अर्थ को साकार करता है। इस दौरान जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया।

‘बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति’

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मिला है। उन्होंने कहा कि बहनों का विश्वास जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

  छत्तीसगढ़ के DSP डायमंड सिंह ध्रुव ने UPSC में मारी बाजी, 623वीं रैंक; IPS मिलना तय

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं।

रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को 631 करोड़

महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की करीब 68 लाख बहनों के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के प्रति सजग रहे।

रायपुर जिले को मिले पांच नए प्रोजेक्ट

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। इनमें ‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ शामिल हैं।

‘हरित पोषणम्’ के तहत आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट निरामय’ के तहत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। आवश्यकता होने पर निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े आयोजन किए जाएंगे।

‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के जरिए छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।

वहीं ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

वन मंत्री ने भी गिनाई नक्सल मोर्चे की उपलब्धियां

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और सरकार के प्रयासों से बस्तर में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।

उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

‘स्नेह की डोर’ का संदेश

राखी के धागे ने जवानों और बहनों के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत किया। शहीद परिवारों के सम्मान से लेकर नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के योगदान और महिला सशक्तिकरण तक, कार्यक्रम में राष्ट्ररक्षा और सामाजिक सरोकार का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

 

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button