कोरबा: शहर के सिविल लाइन थाना अंतर्गत एक महिला अधिवक्ता को उसके पति और सास-ससुर द्वारा बेरहमी से पीटने और प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुर द्वारा अपने बेटे को पत्नी को जान से मारने के लिए उकसाया जाता था और दूसरी शादी कराने का लालच दिया जाता था।
1. पीड़ित और आरोपी पक्ष की जानकारी
पीड़िता: 27 वर्षीय महिला अधिवक्ता, निवासी सीएसईबी कॉलोनी (निहारिका)। वह पिछले 4 वर्षों से वकालत के पेशे में हैं।
शादी: उनका विवाह वर्ष 2024 में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ सीएसईबी निवासी शुभम दास से हुआ था।
नामजद आरोपी: पति शुभम दास, ससुर श्याम दास महंत और सास लक्ष्मी बाई।
2. प्रताड़ना और बेल्ट से मारपीट के आरोप
पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, विवाह के बाद से ही ससुराल में उन पर कहर ढाया जा रहा था:
शराब के लिए पैसों की मांग: पीड़िता का आरोप है कि उसका पति कोई काम-धंधा नहीं करता। वह शराब पीने के लिए पत्नी से पैसों की मांग करता है और पैसे न देने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देता है।
सास-ससुर द्वारा उकसाना: आरोप है कि सास-ससुर बेटे को रोकने के बजाय कहते हैं, “तू इसे मार कर खत्म कर दे, हम तेरी दूसरी शादी किसी अच्छी लड़की से कराएंगे।”
कमरे में बंद कर अत्याचार: पीड़िता ने बताया कि दो दिन पहले पति ने उन्हें बेल्ट से बेरहमी से पीटा था। वहीं 24 मई को भी पति ने शराब के नशे में उनके साथ मारपीट की। सास-ससुर ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया और लात-घूंसों से पीटते हुए धमकी दी कि अगर उनके बेटे को तलाक नहीं दिया, तो अंजाम ऐसा ही होगा।
3. पुलिस की कार्रवाई: नए कानून (BNS) के तहत मामला दर्ज
महिला अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी पति शुभम, ससुर श्याम दास महंत और सास लक्ष्मी बाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है:
धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
धारा 296: अश्लील कृत्य या शब्द (गाली-गलौज)
धारा 3(5): संयुक्त दायित्व (समान मंशा से किया गया कार्य)
धारा 351(3)-BNS: आपराधिक धमकी
पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की विवेचना और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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