Janjgir-Champa News गौठान बना मवेशियों का कब्रगाह: करंट  चपेट में 14 पशुओं की मौत, पुलिस ने दर्ज की FIR

Janjgir-Champa News गौठान बना मवेशियों का कब्रगाह: करंट  चपेट में 14 पशुओं की मौत, पुलिस ने दर्ज की FIR

Janjgir-Champa News सलखन गांव के गौठान में लापरवाही का दर्दनाक नतीजा — पहली बार जिले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ सकती है कार्रवाई

Janjgir-Champa News जांजगीर-चांपा। जिले के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के सलखन गांव में स्थित गौठान इन दिनों सवालों के घेरे में है। यहां अलग-अलग दिनों में 14 मवेशियों की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क) और भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत अपराध दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि सलखन गांव के गौठान परिसर में कई मवेशियों के शव पड़े हुए हैं। सूचना पर एएसआई को मौके पर भेजा गया, जहां निरीक्षण में 7 गाय और 7 बैलों सहित कुल 14 मवेशियों की मौत की पुष्टि हुई।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार
पण्डाये ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराने और पूरे गौठान क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि गौठान को चारों ओर से झटका तार (इलेक्ट्रिक फेंस) से घेरा गया था। यही नहीं, गौठान के अंदर बने तालाब की मेढ़ के ऊपर और नीचे कई पशुओं के शव पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद सभी मवेशियों को दफन करा दिया गया।

गौठान संरक्षक की लापरवाही पर शक की सुई
इस पूरे मामले में गौठान संरक्षक की लापरवाही की बात प्रमुखता से सामने आई है। एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया कि हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण नहीं मिला है, लेकिन प्राथमिक जांच में यह साफ है कि गौठान की देखरेख में गंभीर कमी रही है। उन्होंने कहा—“गौठान में विद्युत तार का घेरा होना और पशुओं की उचित निगरानी न होना पशु क्रूरता की श्रेणी में आता है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

गांव में प्रशासनिक चुप्पी पर रोष
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गौठान में लंबे समय से पशुओं को बिना देखरेख और चारे के छोड़ा जा रहा था, जिससे वे भूख और झटका तार की चपेट में आकर मर रहे थे। इसके बावजूद जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधि मौन बने हुए हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन की ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत बनाए गए गौठान अब उपेक्षा और कुप्रबंधन के शिकार हो गए हैं। सलखन गांव की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह योजना अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है?

पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मवेशियों की मौत विद्युत करंट, भूख या किसी अन्य कारण से हुई।

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पुलिस का कहना है कि जिम्मेदार व्यक्ति या अधिकारी की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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