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मुनाफे का सपना दिखाकर बेटी की शादी की जमा-पूंजी पर डाका, साइबर ठगों ने 42.60 लाख रुपये ठगे

वाराणसी :- शेयर ट्रेडिंग में डेढ़ करोड़ रुपये तक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने वाराणसी के एक कारोबारी को 42.60 लाख रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने तीन अलग-अलग मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी ट्रेडिंग का जाल बिछाकर यह रकम हड़पी। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। पुलिस बैंक खातों, लेनदेन और ऐप से जुड़े डिजिटल सुरागों की गहन जांच कर रही है।

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विद्यापीठ रोड स्थित राजा नगर निवासी ऋषि आहूजा ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2025 में उनके मोबाइल पर आकाश सिसोदिया नामक व्यक्ति का संपर्क हुआ। उसने खुद को जयपुर की “प्योर प्रॉफिट कंपनी” का कर्मचारी बताकर शेयर बाजार में भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजे और भरोसा जीत लिया।

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कुछ दिनों बाद समीर उपाध्याय नाम का दूसरा व्यक्ति सामने आया, जिसने खुद को कंपनी का वरिष्ठ कर्मचारी बताते हुए पूरी ट्रेडिंग प्रक्रिया में उन्हें शामिल कर लिया। आकाश के कहने पर सबसे पहले “मुएंजल वन ट्रेडिंग ऐप” के माध्यम से एक लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद “कैपिटल मंक” नामक दूसरा ऐप डाउनलोड कराया गया, जिसमें नकली ट्रेडिंग और फर्जी फंड बैलेंस दिखाए जाते थे। ईमेल पर झूठी ट्रेड रिपोर्ट भी लगातार भेजी जाती रही।

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इसके बाद ठगों ने कथित मुनाफे का 30 प्रतिशत जमा करने की शर्त रखते हुए करीब 35 लाख रुपये की मांग की। यह पूरी रकम सचिन नामदेव नामक व्यक्ति के निजी सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कराई गई। कुछ समय बाद एप पर 1.8 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखा दिया गया।

जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो बताया गया कि सीडीएसएल ने फंड ब्लॉक कर दिया है और इनकम टैक्स विभाग से क्लियरेंस नहीं मिल रहा है। इस पर संदेह गहराया तो ऋषि आहूजा के बेटे ईशान आहूजा और रिश्तेदार विकास अरोड़ा जयपुर में कंपनी के बताए गए पते पर पहुंचे, लेकिन वहां कोई कार्यालय नहीं मिला। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े की पोल खुल गई।

ऋषि आहूजा ने पुलिस को यह भी बताया कि यह पूरी रकम उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए वर्षों की मेहनत से जोड़ कर रखी थी, जो अब साइबर ठगों की साजिश का शिकार हो गई।

साइबर क्राइम इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और बैंक खातों, ट्रांजैक्शन तथा उपयोग किए गए ऐप्स की तकनीकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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