✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़

गरियाबंद में आज “नेशनल लोक अदालत” का हुआ सफल आयोजन

कुल 59,567 प्रकरणों का हुआ निराकरण कुल 1,51,35,153/- रूपये का एवार्ड पारित किया गया

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

गरियाबंद । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री बलराम प्रसाद वर्मा जी के निर्देश पर जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद, किशोर न्याय बोर्ड गरियाबंद तथा राजिम व देवभोग के व्यवहार न्यायालयों एवं राजस्व जिला गरियाबंद के राजस्व न्यायालयों में दिनांक 08 मार्च 2025, दिन शनिवार को “नेशनल लोक अदालत” का आयोजन किया गया।

उक्त लोक अदालत हेतु तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद द्वारा 04 खण्डपीठों का गठन किया गया था, तालुका विधिक सेवा समिति गरियाबंद के अध्यक्ष श्री यशवंत वासनीकर ने बताया कि उक्त लोक अदालत हेतु जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद श्रीमती तजेश्वरी देवी देवागंन की गठित खण्डपीठ में कुल 51 लंबित एवं 2061 प्रिलिटिगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 17 मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1,17,45,000/- (अक्षरी एक करोड़ सत्रह लाख पैतालीस हजार) रूपये का एवार्ड पारित किया गया वही 103 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण करते हुए 9,45,279/- (अक्षरी नौ लाख पैतालिस हजार दो सौ उन्यासी) रूपये का एवार्ड पारित किया गया, इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 120 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 1,26,90,279/- (अक्षरी एक करोड़ छब्बीस लाख नब्बे हजार दो सौ उन्यासी) रूपये का एवार्ड पारित किया गया।

वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं व्यवहार न्यायधीश वरिष्ठ श्रेणी गरियाबंद श्रीमती अनिता ध्रुव की गठित खण्डपीठ में 368 प्रिलिटीगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 12 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 2,63,500/- (अक्षरी दो लाख तिरसठ हजार पांच सौ रूपये का एवार्ड पारित किया गया तथा समरी मामले सहित 208 लंबित प्रकरण रखे गये थे जिनमें 141 लंबित मामलों का निराकरण करते हुए 1,65,200/- (अक्षरी एक लाख पैसठ हजार दो सौ रूपये की राशि अदा करायी गयी।

इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 153 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 4,28,700/-(अक्षरी चार लाख अ‌ट्ठाईस हजार सात सौ) रूपये का एवार्ड पारित किया गया। प्रशान्त कुमार देवांगन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं व्यवहार न्यायधीश वरिष्ठ श्रेणी गरियाबंद की गठित खण्डपीठ में 334 प्रिलिटीगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 22 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 3,12,612/- (अक्षरी तीन लाख बारह हजार छः सौ बारह) रूपये का एवार्ड पारित किया गया समरी मामले सहित 27 लंबित प्रकरण रखे गये थे जिनमें 07 लंबित मामलों का निराकरण किया गया। इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 29 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 3,12,612/- (अक्षरी तीन लाख बारह हजार छः सौ बारह) रूपये का एवार्ड पारित किया गया। प्रशान्त कुमार देवांगन प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्यायालय गरियाबंद की गठित खण्डपीठ में राजीनामा योग्य लंबित 07 प्रकरण रखे गये थे जिसमें 01 प्रकरण का निराकरण किया गया तथा श्रीमती किरण पन्ना न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं व्यवहार न्यायधीश वरिष्ठ श्रेणी देवभोग की गठित खण्डपीठ में 840 प्रिलिटीगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 57 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 6,91,068/- (अक्षरी छः लाख इनकान्वे हजार अड़सठ) रूपये का एवार्ड पारित किया गया तथा समरी मामले सहित 420 लंबित प्रकरण रखे गये थे जिनमें 420 लंबित मामलों का निराकरण करते हुए 3,70,100/- (अक्षरी तीन लाख सत्तर हजार एक सौ) रूपये की राशि अदा करायी गयी।

  सरगुजा से अयोध्या तक आस्था का सफर, रामलला के दर्शन को 850 श्रद्धालु रवाना

इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 477 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 10,61,168/- (अक्षरी दस लाख इकसठ हजार एक सौ अड़सठ) रूपये का एवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार श्री सचिन पॉल टोप्पो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी राजिम की गठित खण्डपीठ में 2202 प्रिलिटीगेशन प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 57 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 6,42,394/- (अक्षरी छः लाख बियालिस हजार तीन सौ चौरान्वे) रूपये का एवार्ड पारित किया गया समरी मामले सहित 864 लंबित प्रकरण रखे गये थे जिनमें 454 लंबित मामलों का निराकरण किया गया। इस प्रकार उक्त खण्डपीठ में कुल 511 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 6,42,394/- (अक्षरी छः लाख बियालिस हजार तीन सौ चौरान्वे) रूपये का एवार्ड पारित किया गया।

 

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button