कोरबा। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत सोमवार, 1 जून को करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच पद के लिए मतदान होना है। पिछले एक साल से खाली पड़े इस पद के लिए हो रहा यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल हो चुका है, क्योंकि चुनावी मैदान में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की भाँचा बहू और सगे भतीजे आमने-सामने हैं। इस चुनाव पर अब पूरे जनपद क्षेत्र की निगाहें टिक गई हैं।
📌 चुनाव की 4 बड़ी और दिलचस्प बातें:
1. पूर्व गृहमंत्री के परिवार में ही सीधी टक्कर
इस बार मुकाबला पूरी तरह पारिवारिक और राजनीतिक रसूख का बन चुका है। मैदान में एक तरफ पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की भाँचा बहू प्रभा देवी (पति रामप्रसाद कंवर) हैं, जो पहले भी सरपंच रह चुकी हैं और उनके पास अनुभव की ताकत है। वहीं दूसरी तरफ, उन्हें टक्कर दे रहे हैं ननकीराम कंवर के सगे भतीजे विजय कंवर, जो ‘नवाचारी सोच’ और गांव के सर्वांगीण विकास के वादे के साथ मैदान में उतरे हैं।
2. युवा सरपंच के निधन के बाद हो रहा है उपचुनाव
सलिहाभांठा पंचायत कई मायनों में वीआईपी सीट मानी जाती है। यह पूर्व सांसद दिवंगत डॉ. बंशीलाल महतो और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का गृह ग्राम है।
साल 2025 के शुरुआती चुनाव में बदलाव की बयार चली थी और लोगों ने युवा प्रत्याशी नवरंगलाल कंवर को सरपंच चुना था।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; चुनाव के महज 3 महीने बाद ही नवरंगलाल का आकस्मिक निधन हो गया।
इसके बाद व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामप्रसाद कंवर को ‘कार्यवाहक सरपंच’ बनाया गया था, और अब यहाँ दोबारा वोटिंग हो रही है।
3. इतिहास में पहली बार: मुख्य गांव से एक भी प्रत्याशी नहीं
इस चुनाव का सबसे अनोखा पहलू यह है कि मुख्य ग्राम पंचायत सलिहाभांठा (जहां 60% मतदाता रहते हैं) से एक भी उम्मीदवार खड़ा नहीं हुआ है। मुख्य गांव के लोगों ने शेष कार्यकाल के लिए नेतृत्व की जिम्मेदारी आश्रित ग्राम बंधवाभांठा को सौंप दी थी। हालांकि, उम्मीद थी कि सर्वसम्मति से चुनाव निर्विरोध हो जाएगा, लेकिन बंधवाभांठा में सहमति नहीं बन पाई और मुकाबला अनिवार्य हो गया।
4. 1,456 मतदाता तय करेंगे भाग्य; सलिहाभांठा के हाथ में जीत की चाबी
सोमवार, 1 जून को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। दोनों गांवों में पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
कुल वोटर: 1456 (745 पुरुष और 711 महिला मतदाता)
जीत का गणित: कुल मतदाताओं का 60 फीसदी हिस्सा अकेले मुख्य गांव सलिहाभांठा में है। साफ है कि बंधवाभांठा के इन दोनों प्रत्याशियों में से जिसे सलिहाभांठा के वोटर्स का आशीर्वाद मिलेगा, जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा।
फैसले की घड़ी: अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सलिहाभांठा की जनता प्रभा देवी के ‘अनुभव’ को चुनती है या विजय कंवर के रूप में किसी ‘नए चेहरे’ को मौका देती है।

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