कोरबा। जिले में शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत माखनपुर के तत्कालीन सरपंच, सचिव और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में एसडीएम पाली रोहित कुमार सिंह ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध राशि वसूली और जेल भेजने की कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत माखनपुर में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इनमें स्वामी आत्मानंद स्कूल में कंप्यूटर कक्ष एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए 49.99 लाख रुपये, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 25.45 लाख रुपये तथा विद्यालय भवन विस्तार कार्य के लिए 36.20 लाख रुपये मंजूर किए गए थे।
जांच में सामने आया कि निर्माण कार्यों के नाम पर बड़ी राशि आहरित कर ली गई, लेकिन मौके पर कार्य शुरू ही नहीं किए गए। कंप्यूटर कक्ष और पुस्तकालय निर्माण के लिए स्वीकृत राशि में से 19.99 लाख रुपये, शौचालय निर्माण मद से 10.18 लाख रुपये तथा भवन विस्तार कार्य से 14.48 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं मिला।
मामले में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की गई। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन ने शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि की।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पाली द्वारा तत्कालीन सचिव धीरसाय के खिलाफ कुल 44 लाख 65 हजार 600 रुपये की वसूली योग्य राशि में से एक तिहाई यानी 14 लाख 88 हजार 533 रुपये वेतन एवं अन्य भत्तों से वसूलने का आदेश जारी किया गया है। इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाली को पत्र भेजा गया है।
वहीं तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते और ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी को गिरफ्तार कर 25 मई से 27 मई 2026 तक तीन दिनों के लिए सिविल जेल भेज दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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