🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़🏙️ राज्य व शहर

विष्णुदेव साय की सरकार बनाम छत्तीसगढ़ का किसान

धान खरीदी रोकी गई, अन्नदाता सड़कों पर, भाजपा की किसान विरोधी राजनीति बेनकाब, टोकन हाथ में, गोदाम बंद, क्या मुख्यमंत्री साय किसानों से बदला ले रहे हैं?

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

मोतीलाल देवांगन का एलान: यह लड़ाई अब दिल्ली तक जाएगी

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई वाली भाजपा सरकार पर अब खुलकर किसान विरोधी होने का आरोप लगने लगा है। धान खरीदी को लेकर सरकार की नीतियों ने अन्नदाताओं को सड़कों पर ला खड़ा किया है। जांजगीर-चांपा जिले के खोखरा धान खरीदी केंद्र में जो हुआ, उसने भाजपा की “किसान हितैषी” छवि की पूरी तरह पोल खोल दी।

खोखरा-धाराशिव के किसान वैध टोकन और सत्यापन के बाद भी धान नहीं बिकने से आक्रोशित हैं। किसानों का आरोप है कि विष्णुदेव साय सरकार ने जानबूझकर धान खरीदी की रफ्तार रोकी, ताकि किसान मजबूरी में बिचौलियों को औने-पौने दामों पर धान बेच दें। यह अव्यवस्था नहीं, बल्कि सोची-समझी नीति बताई जा रही है।

किसानों के बीच पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय की सरकार किसानों की नहीं, पूंजीपतियों और बिचौलियों की सरकार है। टोकन कटने के बाद भी धान नहीं खरीदा जाना साबित करता है कि मुख्यमंत्री किसानों को तोड़ना चाहते हैं।

मोतीलाल देवांगन ने दो टूक कहा कि यह सिर्फ जांजगीर-चांपा की समस्या नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को कमजोर करने की भाजपा की रणनीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विष्णुदेव साय सरकार ने हर किसान का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा, तो यह आंदोलन छत्तीसगढ़ से निकलकर दिल्ली तक जाएगा। सरकार को चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा।

  कलेक्टर ने पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला जगतरा का किया आकस्मिक निरीक्षण

किसानों ने बताया कि वे पहले से कर्ज में डूबे हुए हैं। धान नहीं बिकने से हालात और भयावह हो गए हैं। सरकार की बेरुखी के चलते किसान मजबूरी में बिचौलियों के हाथों लुटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हालात विस्फोटक होंगे।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस बल तैनात किया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि धान खरीदने के लिए सरकार के पास संसाधन नहीं, लेकिन किसानों की आवाज दबाने के लिए पुलिस तुरंत क्यों?

सरकार द्वारा दी गई दो दिन की मोहलत को किसानों ने राजनीतिक छलावा करार दिया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ दिखावे के लिए है, ज़मीनी हकीकत यह है कि हजारों किसान आज भी टोकन लेकर खरीदी केंद्रों के बाहर बैठे हैं।

मोतीलाल देवांगन ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार किसानों को थकाकर, डराकर और मजबूर करके यह संदेश देना चाहती है कि भाजपा शासन में किसान सबसे कमजोर कड़ी है। लेकिन अब किसान यह अपमान सहने को तैयार नहीं है।

यह लड़ाई अब सिर्फ धान की नहीं रह गई है, यह भाजपा सरकार बनाम छत्तीसगढ़ का किसान की सीधी लड़ाई बन चुकी है। अगर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो यह चिंगारी राष्ट्रीय किसान आंदोलन में बदल सकती है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button