कलश यात्रा में जूते पहनकर उतरे विधायक अमर अग्रवाल, आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने उठाए सवाल

बिलासपुर मेंरामराजके दावे वाली सरकार के बीच एक तस्वीर ने बहस छेड़ दी है। भाजपा विधायक अमर अग्रवाल कलश यात्रा में जूते पहनकर शामिल हुएऔर यही दृश्य अब सोशल मीडिया पर सवालों का केंद्र बन गया है। धार्मिक आयोजन में आचरण को लेकर बहस सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीति के द्वैध मानकों पर भी आकर ठहर गई है।

हवाले: आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
https://x.com/kunal492001/status/2010406825125204262?s=46

आरटीआई कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने ट्वीट कर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने लिखा किअगर यही काम कांग्रेस का कोई विधायक करता, तो हिंदुओं की भावनाओं और सुरक्षा का मुद्दा बन चुका होता। लेकिन संस्कारी पार्टी के विधायक अमर अग्रवाल पर चुप्पी क्यों? उन्हें हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।
इस ट्वीट के बाद समर्थन और विरोधदोनों धाराओं में प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मामला किसी व्यक्ति विशेष के आचरण से आगे बढ़कर राजनीतिक नैतिकता और संवेदनशीलता की कसौटी बन गया है। सवाल यह नहीं कि जूते पहने गए या नहींसवाल यह है कि मापदंड सबके लिए समान क्यों नहीं।

  कलेक्टर की प्रताड़ना से तहसीलदार सदमे में,जताई सदमे से मौत की आशंका,

सोशल मीडिया पर बहस जारी है। जनता पूछ रही हैधार्मिक आयोजनों में मर्यादा किसके लिए अनिवार्य है? और क्या आस्था के नाम पर राजनीति में छूट और सख़्ती अलगअलग पैमानों से तौली जाएगी?

Live Cricket Info