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डीएमएफ के 38.85 लाख खर्चः घटिया निर्माण की खुली पोल, पहली बरिश में सीपेज करने लगा स्कूल भवन

कोरबा 02 जुलाई। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की परियोजनाओं से प्रभावित इलाके में विभिन्न प्रकार की जरूरत को पूरा करने के लिए डिस्टिक मिनिरल फाऊंडेशन सहायक साबित हो रहा है। दूसरी ओर कुछ एजेंसी निर्माण कार्यों के बहाने धनराशि को दबाने में लगी है बुलबुल में विद्यालय भवन का निर्माण करने के मामले में यही चीज उजागर हुई। पहले ही बारिश में भवन का सिपेज शुरू हो गया। सवाल खड़े हुए तो एजेंसी से जुड़े लोगों को जवाब देते नहीं बना।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि गांव में तैयार किए गए सरकारी भवन के निर्माण में डिस्टिक मिनिरल फाऊंडेशन से 38.85 लख रुपए की राशि खर्च की गई। जनप्रतिनिधि के प्रस्ताव पर यह काम प्रशासन की ओर से मंजूर किया गया था। अपेक्षा की जा रही थी कि निर्माण कार्य बढिया होगा और कुल मिलाकर शिक्षकों व विद्यार्थियों को इससे सहूलियत होगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि इस मामले में शुरू से गोलमाल किया जाता रहा इसलिए गुणवत्ता के मामले में कंप्रोमाइज कर लिया गया। इसी वजह से मॉनिटरिंग की जरूरत पर जोर नहीं दिया गया। मनमानी तरीके से निर्माण कार्य किए जाने के चक्कर में गड़बडियां हुई और अब पहले ही बारिश में इस भवन में सिपेज की समस्या शुरू हो गई। कई जगह पर दरारें भी आई है। छत से लेकर दीवारों में यही हाल है। इस तरह की पोल उजागर होने पर मीडिया के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने उपसरपंच और पंचायत सचिव से सवाल जवाब किया तो उन्हें बोलते नहीं बना। हर सवाल पर यह लोग बगले झांकते नजर आए।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों को गर्मी से बचने के लिए अस्थाई बिजली कनेक्शन दिया गया था। इसके बहाने सुविधा दी जा रही थी। जब घटिया निर्माण की पोल पट्टी उजागर हुई तो इसका बदला लेने के लिए कलेक्शन हटा दिया गया। एजेंसी का ऐसा मानना है कि विद्यार्थियों के चक्कर में ही सब कुछ गुड गोबर हो गया है और अब हमें ऊपर तक जवाब देना पड़ेगा। पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन तक बात पहुंचाई गई है। मांग की जा रही है कि विद्यालय में सुधार कार्य के साथ सरकारी धनराशि में बंदर बांट करने के मामले में रिकवरी भी की जाए।

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