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सेवा संकल्प अभियान-पीएम-किसान सम्मान निधि से बदली छत्रपाल सिंह की जिंदगी

समय पर मिली आर्थिक सहायता से खेती हुई आसान, परिवार की जिम्मेदारियां भी हुईं सहज

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कोरबा 15 सितंबर 2026/ विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम मादन निवासी किसान श्री छत्रपाल सिंह, पिता श्री नेवरात सिंह कंवर के लिए खेती सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद है। पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी के साथ वे सीमित संसाधनों में खेती करते रहे हैं। कृषि कार्य में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी जैसी जरूरतों पर समय से राशि जुटाना उनके लिए लंबे समय तक बड़ी चुनौती रहा।

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किसान के लिए खेती ऐसा कार्य है, जिसमें खर्च पहले करना पड़ता है और आमदनी फसल तैयार होने के बाद मिलती है। कई बार पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण श्री छत्रपाल सिंह उन्नत बीज या आवश्यक कृषि दवाइयां समय पर नहीं खरीद पाते थे। धान कटाई के समय मजदूरों के भुगतान की चिंता भी बनी रहती थी। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कई बार उधार लेकर खेती का काम पूरा करना पड़ता था।

वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आने लगा। योजना के तहत मिलने वाली प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलने लगी। श्री छत्रपाल सिंह बताते हैं कि राशि भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खेती के समय जरूरत के मुताबिक सीधे खाते में मिलने वाली यह सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुई।

वे बताते हैं कि पीएम-किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का उपयोग वे खेती की जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। खरीफ मौसम में उन्नत बीज खरीदने, फसल में कीट एवं रोग लगने पर समय पर दवाइयां लेने तथा धान कटाई के दौरान मजदूरों का भुगतान करने में इस राशि से उन्हें काफी मदद मिलती है। इससे खेती के जरूरी काम समय पर पूरे हो पाते हैं और उत्पादन एवं फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।

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कृषि कार्य में मिली इस आर्थिक राहत का असर परिवार की अन्य जरूरतों पर भी दिखाई देता है। अब वे बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर कॉपी-किताबें, कपड़े और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध करा पा रहे हैं। आर्थिक दबाव कम होने से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी पहले की तुलना में आसान हुआ है।

श्री छत्रपाल सिंह कहते हैं कि “पहले खेती के समय पैसों की बहुत समस्या होती थी। बीज, दवाई और मजदूरी के लिए कई बार उधार लेना पड़ता था। पीएम-किसान की राशि समय पर खाते में आने से अब खेती के जरूरी खर्चों में काफी मदद मिलती है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है और खेती करना पहले से आसान हुआ है।”

वे आगे कहते हैं कि सरकार द्वारा सहायता राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से उन्हें यह भरोसा मिला है कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है। पीएम-किसान सम्मान निधि उनके लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेती को मजबूती देने और परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम बनी है।

 समय पर मिलने वाली छोटी-सी आर्थिक सहायता भी किसान के लिए बड़ी राहत बन सकती है। पीएम-किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से किसानों को कृषि कार्य में आवश्यक पूंजी उपलब्ध हो रही है, जिससे वे अपनी खेती को बेहतर तरीके से संचालित करने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी अधिक सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।

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प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

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