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CG News:– सरकार के युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर होने के दावे हो रहे खोखले साबित, युक्तियुक्तकरण के चलते शिक्षक की कमी से छात्रों के धरना देने के बाद हुई शिक्षक की नियुक्ति,बिना धरना दिए नहीं हो रही शिक्षकों की कमी पूरी,

Janjgir News:–“युक्तियुक्तकरण” के सरकारी दावे जमीनी हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं। जांजगीर के सिउड़ हाईस्कूल में शिक्षक नहीं होने से नाराज़ छात्रों ने स्कूल के गेट पर ताला जड़कर अभिभावकों के साथ प्रदर्शन किया। बार–बार की अपीलों के बाद भी जब शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, तब जाकर छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। यह पहला मामला नहीं है — अब तो ऐसा लगता है कि जब तक छात्र धरना नहीं देंगे, तब तक स्कूलों में शिक्षक नहीं मिलेंगे।

Janjgir | जांजगीर जिले के सिउड़ हाईस्कूल में शिक्षक न होने की समस्या को लेकर एक बार फिर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। अंग्रेजी विषय के एक शिक्षक को ‘अतिशेष’ बताकर हटा दिया गया, जबकि दूसरे शिक्षक को नवागढ़ ब्लॉक के आत्मानंद स्कूल में अटैच कर दिया गया है। इसी तरह संस्कृत विषय के लिए भी कोई शिक्षक विद्यालय में पदस्थ नहीं है। लगातार अनदेखी के बाद छात्रों ने स्कूल के मुख्य द्वार में ताला लगाकर धरना प्रदर्शन किया।

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सिउड़ हाईस्कूल में अंग्रेजी और संस्कृत जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं होने से नाराज़ छात्रों और उनके अभिभावकों ने मंगलवार को विद्यालय गेट में तालाबंदी कर विरोध जताया। एक सप्ताह पूर्व ही छात्रों ने चेतावनी दी थी कि अगर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो प्रदर्शन करेंगे। बावजूद इसके शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने कोई संज्ञान नहीं लिया।

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स्थिति बिगड़ते देख नवागढ़ बीईओ मौके पर पहुंचे और जल्द शिक्षक नियुक्त करने का भरोसा दिलाया। तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ।

विद्यालय में अंग्रेजी के शिक्षक लक्ष्मीप्रसाद सूर्यवंशी का तबादला महंत हाईस्कूल कर दिया गया है, वहीं अमित मैसी को पिछले तीन वर्षों से आत्मानंद स्कूल नवागढ़ में अटैच रखा गया है। दोनों की अनुपस्थिति में अंग्रेजी विषय की पढ़ाई पूरी तरह ठप है। साथ ही संस्कृत विषय पढ़ाने के लिए भी कोई शिक्षक नहीं है, जिससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

बार–बार मांग के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र व पालक मजबूरन धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी पहुंचकर विद्यालय प्रशासन की उदासीनता पर नाराज़गी जताई।

शिक्षक की मांग पूरी नहीं होने पर ही होती है कार्रवाई:


एक ओर सरकार स्कूलों में ‘युक्तियुक्तकरण’ के नाम पर शिक्षक समायोजन के दावे कर रही है, वहीं ज़मीनी हकीकत यह है कि बिना प्रदर्शन के शिक्षक पदस्थ नहीं किए जा रहे। इससे पहले पामगढ़ ब्लॉक के मेउ गांव में भी एक शिक्षिका के अटैचमेंट को लेकर पालकों और बच्चों ने धरना दिया था। तब जाकर उसी दिन शाम को कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षक की नियुक्ति हुई थी।

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