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CG:– जेल में बंद कांग्रेस विधायक को सत्र न्यायालय से सशर्त जमानत

CG:– सहकारी समिति से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में जेल में बंद जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। अदालत ने उन्हें सशर्त राहत देते हुए जमानत मंजूर की है। जमानतदार प्रस्तुत होने के बाद विधायक की आज शाम तक जेल से रिहाई होने की संभावना है।

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सहकारी समिति के अध्यक्ष रहते हुए विधायक बालेश्वर साहू पर आरोप है कि उन्होंने एक किसान, उसकी पत्नी और मां के नाम से लोन स्वीकृत कराकर तीनों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगवाए और करीब 43 लाख 78 हजार रुपये की राशि अपने और अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर आहरण कर लिया। मामले की जानकारी किसान को होने के बाद उसने विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

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विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने शनिवार 10 जनवरी को सीजेएम न्यायालय में चालान पेश किया था। चालान प्रस्तुत होने पर अदालत के आदेश से विधायक को 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

Janjgir जांजगीर। जैजैपुर के कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सत्र न्यायालय जांजगीर से जमानत मिल गई है। सरकारी सहकारी समिति के अध्यक्ष रहते हुए किसान, उसकी पत्नी और मां के नाम से लोन निकलवाकर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान के जरिए करीब 40 लाख 78 हजार रुपये अपने और अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कराने के मामले में उन्हें शनिवार 10 जनवरी को जेल भेजा गया था।

पुलिस ने विवेचना पूर्ण कर दो संदूक दस्तावेजों के साथ चालान अदालत में प्रस्तुत किया था। चालान पेश किए जाने से पहले पुलिस द्वारा नोटिस देने पर विधायक स्वयं अदालत में उपस्थित हुए थे। चालान का परीक्षण करने के बाद सीजेएम न्यायालय ने उनका जेल वारंट काटते हुए 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं उनकी जमानत याचिका भी सीजेएम न्यायालय से खारिज कर दी गई थी। इसके बाद शनिवार से विधायक बालेश्वर साहू जांजगीर जिला जेल खोखरा में निरुद्ध थे।

जेल जाने के चौथे दिन सत्र न्यायालय जांजगीर से विधायक को बड़ी राहत मिली। अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत प्रदान की है। जमानत मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई थी। विधायक से नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर के खोखरा जिला जेल जाकर मुलाकात की थी और कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया था। जमानतदार पेश होने पर विधायक को आज शाम तक जेल से रिहा किया जाएगा।

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आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला:–

यह मामला 3 अक्टूबर 2025 को जांजगीर जिले के चांपा थाना में दर्ज किया गया था। विधायक बालेश्वर साहू पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगाकर बैंक से करीब पौने 43 लाख रुपये निकालने का आरोप है।

बम्हनीडीह कोऑपरेटिव सोसायटी में प्रबंधक पद पर रहते हुए बालेश्वर साहू पर आरोप है कि उन्होंने सेल्समेन के साथ मिलकर किसान, उसकी मां और पत्नी के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और 43 लाख 78 हजार रुपये का आहरण किया। इस संबंध में प्रार्थी राजकुमार शर्मा की शिकायत पर जैजैपुर विधायक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

राजकुमार शर्मा, निवासी फरसवानी ने बताया कि वर्ष 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू जिला समिति बम्हनीडीह अंतर्गत बम्हनीडीह कोऑपरेटिव सोसायटी में प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने प्रार्थी की 50 एकड़ कृषि भूमि के नाम पर केसीसी लोन लेने की सलाह दी और एचडीएफसी बैंक चांपा में खाता खुलवाया। इसके बाद प्रार्थी का ब्लैंक चेक लेकर 24 लाख रुपये की राशि अपने और अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर दी।

इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि प्रार्थी, उसकी मां जयतिन शर्मा और पत्नी नीता शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान लगाकर कुल 42 लाख 78 हजार रुपये की निकासी की गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर समिति प्रबंधक बालेश्वर साहू और विक्रेता गौतम राठौर के खिलाफ थाना चांपा में धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की गई।

विधायक बालेश्वर साहू और विक्रेता गौतम राठौर के खिलाफ पुलिस जांच चल रही थी। इस दौरान विधायक ने बिलासपुर हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे प्राप्त कर लिया था। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पुलिस ने बिना गिरफ्तारी के विवेचना पूरी कर दो संदूक दस्तावेजों के साथ सीजेएम न्यायालय जांजगीर में चालान प्रस्तुत किया।

अदालत में चालान का परीक्षण करने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम न्यायालय ने विधायक को जेल भेजने के निर्देश देते हुए जेल वारंट जारी कर दिया। जेल वारंट जारी होने के बाद विधायक ने सीजेएम न्यायालय में ही जमानत याचिका दायर की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद मेडिकल परीक्षण उपरांत विधायक को जिला जेल खोखरा दाखिल किया गया था।

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