विवादास्पद संविदा सचिव डीडी सिंह के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध, जनप्रतिनिधियों के बाद अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी विरोध में हुए लामबंद,



शीघ्र नहीं हटाया गया तो सरकार को भी हो सकता है भारी राजनीतिक नुकसान,


कान्हा तिवारी
रायपुर/ बिलासपुर
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की कमान संभाल रहे संविदा अधिकारी डीडी सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।उन्हें हटाने के लिए पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर और पूर्व विधायक रामदयाल उइके ने जहां पहले से मोर्चा खोला हुआ है। वहीं अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अलग-अलग जिलों के अफसर भी उनकी नियुक्ति रद्द कर नियमित अफसर को सामान्य प्रशासन विभाग का कमान सौंपने की मांग को लेकर लामबंद होने लगे हैं। हमेशा विवादों में घिरे रहने वाले इस संविदा अधिकारी से आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों की भी नाराजगी रही है।
डीडी सिंह इस विभाग के भी सचिव हैं। कई‌ मातहत अधिकारी डीडी सिंह के अन्याय पूर्ण बर्ताव को लेकर हाई कोर्ट की शरण चले गए हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now


कोर्ट की अवमानना के क ई केस भी इनके खिलाफ दायर हैं –

डीडी सिंह ढीठ प्रवृत्ति के अधिकारी रहे हैं ‌। उच्च न्यायालय के कई आदेशों की इनके द्वारा अवहेलना की जाती रही है। लिहाजा डीडी सिंह के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना और अवमानना के सर्वाधिक मामले दर्ज हैं।
जो इनके अवैधानिक गैरकानूनी और ढिठाई का परिचायक है।

छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ की सूरजपुर, जांजगीर-चांपा, बलरामपुर-रामानुजगंज, बेमेतरा, जशपुर, मुंगेली, सक्ती, रायपुर, नारायणपुर इकाई ने सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर डीडी सिंह को हटाने की मांग की है।

इससे पहले भी बस्तर इकाई के पदाधिकारी समेत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, महासमुंद, कवर्धा, बिलासपुर, कांकेर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, गरियाबंद और रायगढ़ इकाई के पदाधिकारियों ने डीडी सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी।
डी डी सिंह के खिलाफ अब राज्य ब्यापी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं।
यदि इस संविदा अधिकारी की शीघ्र छुट्टी नहीं की गई तो आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी नुक्सान होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री को इस पर शीघ्र संज्ञान लेने की जरूरत है।

Live Cricket Info

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.