CG News : सड़क हादसों पर सरकार का मिशन मोड, सीएम साय ने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लिए दिए बड़े निर्देश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने दुर्घटनाओं की रोकथाम से लेकर हादसे के बाद घायल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तक पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा को केवल परिवहन विभाग की जिम्मेदारी न माना जाए। परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकाय मिलकर ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
Ro No. 13952/35
ब्लैक स्पॉट पर तेजी से होंगे सुधारात्मक कार्य
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में चिन्हित 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन स्थानों पर आवश्यक सुरक्षात्मक और सुधारात्मक कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधा जितनी जल्दी पहुंचेगी, उतनी ही बेहतर स्थिति बनेगी। इसके लिए दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस, अस्पताल और उपचार व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
राहवीर और पीएम-राहत योजना का होगा प्रचार
CG News: m ने दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है।
वहीं राहवीर योजना के जरिए दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि दुर्घटना देखकर वे पीड़ित की मदद के लिए आगे आ सकते हैं।
दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगी बस सेवा
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में योजना के तहत 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है।
बैठक में कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा का उदाहरण भी सामने आया। बताया गया कि इस दुर्गम क्षेत्र में पहले करीब 6 घंटे तक लगने वाला सफर बस सेवा शुरू होने के बाद लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई है।
पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों तक बेहतर परिवहन सुविधा विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को पर्यटन मिशन के साथ समन्वय कर प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी की संभावनाओं पर काम करने को कहा। इससे पर्यटन के साथ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
वाहन फिटनेस और एचएसआरपी व्यवस्था होगी प्रभावी
बैठक में वाहनों की फिटनेस जांच, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी HSRP से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने वाहन फिटनेस जांच को तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एचएसआरपी लगाने के अभियान में तेजी लाने और लंबित चालानों की रिकवरी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए।
ई-ट्रैक से कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी बैठक में चर्चा हुई। इसमें सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित तकनीक के माध्यम से कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाए, ताकि आवश्यक दक्षता रखने वाले लोगों को ही वाहन चलाने की अनुमति मिले।
इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन
बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा को लेकर विभागों के बीच समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, तकनीक आधारित व्यवस्था और दुर्घटना के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता—इन सभी पहलुओं पर एक साथ काम करने की जरूरत है।
बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
• सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि कम करने के लिए ‘जीरो फेटेलिटी’ लक्ष्य
• 23 ब्लैक स्पॉट पर सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन
• पीएम-राहत और राहवीर योजना का होगा व्यापक प्रचार
• मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का विस्तार
• वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन
• एचएसआरपी और वाहन फिटनेस व्यवस्था पर जोर
• ई-ट्रैक के जरिए कंप्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की तैयारी
• पर्यटन स्थलों तक बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी पर जोर

Live Cricket Info