जांजगीर-चांपा। थाना बिर्रा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड और कांग्रेस नेता के पुत्र आयुष कश्यप की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसपी विजय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में चलाए गए “ऑपरेशन हंट” के तहत पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। आरोपियों के कब्जे से 7.65 कैलिबर का पिस्टल, मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे आर्थिक विवाद, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा, बढ़ते प्रभाव और जलन की भावना मुख्य वजह थी। आरोपियों को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रभाव से द्वेष था, जिसके चलते उन्होंने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची।
आईजी रामगोपाल गर्ग और एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश ग्राम करही स्थित घर में घुसे और आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे और विशेष जांच टीम गठित की गई। ग्राम करही में विशेष पुलिस कैंप स्थापित कर रेंज स्तर पर जांच शुरू की गई।
07 राज्यों तक पहुंची जांच
मामले की तह तक पहुंचने पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित 07 राज्यों में दबिश दी। जांच के दौरान 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और साइबर टीम लगातार सक्रिय रही।
“ऑपरेशन हंट” बना टर्निंग पॉइंट
प्रशिक्षण से लौटने के बाद एसपी विजय कुमार पाण्डेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद “ऑपरेशन हंट” शुरू किया गया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पूर्व में अवैध हथियार देखा गया था और मृतक से उसका पुराना आर्थिक विवाद भी था।
गिरफ्तार आरोपी
हेमंत कुमार बघेल (23 वर्ष) – वार्ड नं. 11, करही
भूषण बघेल (23 वर्ष) – वार्ड नं. 01, karhi
अमित टंडन (28 वर्ष) – वार्ड नं. 09, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने बताया कि उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक परिवार से लगातार विवाद चल रहा था। इसके साथ ही आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और व्यवसायिक सफलता से आरोपी खुद को पीछे महसूस कर रहे थे। इसी जलन और प्रतिशोध में हत्या की योजना बनाई गई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
घटना की रात तीनों आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। सहयोगियों ने पहले CCTV कैमरे तोड़े, फिर आरोपियों ने मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। बीच-बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस टीम को मिलेगा ईनाम
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में आईजी रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन और एसपी विजय कुमार पाण्डेय, प्रभारी एसपी श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप एवं उदयन बेहार के नेतृत्व में साइबर थाना, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला रेंज साइबर सेल और जिला पुलिस बल की भूमिका सराहनीय रही। आईजी ने पूरी टीम को बधाई देते हुए उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है।

Live Cricket Info



Leave a Reply