✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
छत्तीसगढ़🏙️ राज्य व शहर

CG Teacher News :- शिक्षा विभाग में नियमों के खिलाफ पदोन्नति, संभागीय संयुक्त संचालक ने दो कर्मचारियों का प्रमोशन किया रद्द

CG Teacher News :- शिक्षा विभाग में नियमों के विपरीत दी गई पदोन्नति की शिकायत सही पाए जाने पर संभागीय स्तर से कार्रवाई हुई है। जांच के बाद दो कर्मचारियों की पदोन्नति निरस्त कर जिला शिक्षा अधिकारी को आगे की विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Advertisement Carousel

Ro No. 13952/35

Kabirdham-कवर्धा। कबीरधाम जिले के शिक्षा विभाग में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में सामने आए करीब 2.18 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के मामले की चर्चा के बीच अब विभाग में नियमों के विरुद्ध पदोन्नति देने का एक और प्रकरण उजागर हुआ है। इस मामले में दुर्ग संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक ने हस्तक्षेप करते हुए दो कर्मचारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

जानकारी के अनुसार वर्ष 2021 में जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ शिव कुमार निर्मलकर, जो उस समय कनिष्ठ लेखा परीक्षक के पद पर कार्यरत थे, और जेपी बर्वे, जो लेखापाल के पद पर थे, दोनों को पदोन्नत कर सहायक ग्रेड–1 बनाया गया था। इस पदोन्नति को लेकर विभाग के भीतर ही आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

  ग्राम पं ,खैरखुंडी में उपसरपंच पद पर विजय हुएँ पिंकी अनुज सिंह।

जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित कर्मचारियों को दी गई पदोन्नति छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग के सेवा भर्ती नियमों के अनुरूप नहीं थी। इसके बाद दुर्ग संभागीय कार्यालय की ओर से दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।

दोनों कर्मचारियों द्वारा जवाब प्रस्तुत किया गया, लेकिन जांच में उसे संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद संभागीय संयुक्त संचालक रूपलाल ठाकुर ने आदेश जारी कर शिव कुमार निर्मलकर और जेपी बर्वे की पदोन्नति निरस्त कर दी।

साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाए।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में 2.18 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठे थे। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button