Raigarh News:– पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने सुनाई दस वर्ष की सश्रम सजा

Raigarh News:– पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर जान लेने वाले आरोपी पति को अदालत ने दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मात्र एक वर्ष में पूरी सुनवाई के बाद निर्णय तक पहुंचा।

Raigarh रायगढ़। एक साल पहले पत्नी की निर्दयता पूर्वक बांस के डंडे से पिटाई कर उसकी मौत का कारण बने आरोपी पति को अदालत ने दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी है। पुलिस ने अपराधिक मानव वध के इस प्रकरण की बैक टू बैक विवेचना कर पीड़िता को न्याय दिलाया है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के नेतृत्व और मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में फिर एक बार सटीक जांच और कानून की सख्ती का उदाहरण सामने आया है। इस पूरे मामले में तत्कालीन खरसिया थाना प्रभारी तथा वर्तमान में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कर अपराध सिद्ध कराया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता ने ठोस प्रमाण, सशक्त दलीलों और प्रभावी जिरह के जरिए न्यायालय में मामला मजबूती से प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप आरोपी को अपराधिक मानव वध के तहत दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। सत्र न्यायाधीश रायगढ़ जितेंद्र कुमार जैन के न्यायालय ने सत्र प्रकरण क्रमांक 114/2024 (थाना खरसिया अपराध क्रमांक 544/2024) में आरोपी कुशल चौहान पिता झाडूराम चौहान, उम्र 41 वर्ष, निवासी बाम्हनपाली, थाना खरसिया को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 100 रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार, 11 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत बाम्हनपाली के सरपंच पति दयाराम राठिया को सूचना मिली थी कि आरोपी ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी विमला खड़िया के साथ मारपीट की है। आरोपी ने उसे कमरे में घसीटकर बांस के डंडे से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों द्वारा डॉयल 112 को सूचना देने पर घायल महिला को सिविल अस्पताल खरसिया में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस पर थाना खरसिया में मर्ग कायम कर आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।
मामले की विवेचना के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा और खून से सने कपड़े जब्त किए। जांच में फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर मजबूत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। सभी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि हाल ही में निरीक्षक कुमार गौरव साहू की विवेचना में थाना दीनदयाल नगर रायपुर के हत्या प्रकरण में भी आरोपी को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। अब लगातार दूसरी बड़ी सफलता से उन्होंने पुनः अपनी दक्षता और प्रतिबद्धता साबित की है, जिसे पुलिस विभाग की एक उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है।

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