
अहमदाबाद. गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ कर आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी गुजरात में जैश के लिए नेटवर्क तैयार करने, कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार करने और देश विरोधी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे। इनके पास से प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा साहित्य, किताब, झंडा एवं मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग आतंकी विचारधारा फैला रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अहमद अब्दुल्लाह गाजीवाला उर्फ अबू उबेदा (19), इब्राहिम घघा (30), मुदस्सिर (22), जकरिया दुरानी मो. अम्मार घघा (21), मदरसे का मुफ्ती फौजान इस्माइल (40), मो. अमीन शेरा (21), मो.अब्दुल रहमान सावदी (22) और मध्यप्रदेश का बिलाल दुरानी (18) शामिल हैं।
पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क में थे आरोपी
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अहमद और इब्राहिम पाकिस्तान स्थित हैंडलर अब्दुल्लाह और मोहम्मद उमर से संपर्क में थे। इनके पास से मिले मोबाइल फोन में इसके सबूत मिले हैं। आरोपियों के पास से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, मसूद अजहर से जुड़ा साहित्य और झंडा भी मिला है।
हैंडलर्स से मिले पैसों से कार भी खरीदी थी
जांच में पता चला कि पाकिस्तानी हैंडलर्स की ओर से आरोपियों को 3 लाख की नकदी उपलब्ध कराई थी। इसे एक जगह पर रखा गया था जहां से उन्होंने नकदी ली। हैंडलर्स के कहने पर इन्होंने एक पुरानी कार खरीदी है। हालांकि, उसे अभी तक नाम पर नहीं कराया है। हैंडलर्स के निर्देश पर वडोदरा में जम्मू-कश्मीर से आए एक व्यक्ति से अहमद और इब्राहिम ने मुलाकात की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह सीमा पार हैंडलर्स से संपर्क में थे।

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