BSP बेचने की अफवाह पर भूपेश को रिकेश सेन की खुली चुनौती, घर के बाहर धरने का ऐलान; मंत्रालय ने भी बताया दावा गलत

भिलाई/रायपुर। भिलाई स्टील प्लांट को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अदाणी समूह के संभावित BSP दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए संयंत्र को बेचे जाने की आशंका जताई थी। अब भाजपा विधायक रिकेश सेन ने इस बयान पर पलटवार करते हुए भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के निवास के सामने धरना देने का ऐलान किया है। इसी बीच केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने भी भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी संबंधी दावे को गलत बताया है।
भूपेश के बयान पर रिकेश सेन का पलटवार
भिलाई स्टील प्लांट की बिक्री को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच वैशाली नगर के भाजपा विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के निवास के सामने धरना देने की बात कही और आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने भिलाई इस्पात संयंत्र के बिकने की अफवाह फैलाई है।
रिकेश सेन ने अपनी पोस्ट में कहा कि वे भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के निवास के सामने धरना देंगे। हालांकि, उन्होंने धरने की तारीख और समय की घोषणा नहीं की थी। उनके इस बयान के बाद BSP को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
भूपेश बघेल ने अदाणी के संभावित दौरे को बिक्री की आशंका से जोड़ा
14 अक्टूबर को भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट कर दावा किया था कि अदाणी समूह के लोग भिलाई स्टील प्लांट का दौरा करने वाले हैं। उन्होंने इस संभावित दौरे को केंद्र सरकार की सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़ी नीतियों से जोड़ते हुए आशंका जताई कि अब BSP पर भी नजर है। उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट को छत्तीसगढ़ की आत्मा बताते हुए कहा था कि प्रदेशवासी इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे।
भूपेश बघेल ने BSP को लेकर क्या पोस्ट किया था?
भिलाई स्टील प्लांट को लेकर भूपेश बघेल की मूल सोशल मीडिया पोस्ट नीचे देखें।
मूल पोस्ट का लिंक:
X पर पोस्ट खोलें
बघेल के बयान के बाद संयंत्र के निजीकरण और बिक्री की आशंकाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। हालांकि, किसी उद्योग समूह के संभावित दौरे को अपने आप में संयंत्र की खरीद या बिक्री का प्रमाण नहीं माना जा सकता। इस तरह के दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक निर्णय या दस्तावेज जरूरी होते हैं।
इस्पात मंत्रालय ने साफ कहा—बिक्री का दावा गलत
राजनीतिक बयानबाजी के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट जारी कर कहा कि सरकार द्वारा भिलाई स्टील प्लांट को बेचने की तैयारी संबंधी दावा गलत है। मंत्रालय ने प्रामाणिक जानकारी के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल का अनुसरण करने की सलाह दी है। PIB फैक्ट चेक इकाई ने भी इस संबंध में प्रसारित दावों को गलत और निराधार बताया है।
इस्पात मंत्रालय की आधिकारिक पोस्ट यहां देखें: मंत्रालय का मूल X पोस्ट खोलें
18 अक्टूबर 2026 को जारी स्पष्टीकरण में भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने भी बिक्री संबंधी खबरों को असत्य और भ्रामक बताया। प्रबंधन ने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपुष्ट खबरों पर भरोसा नहीं करने तथा उन्हें आगे साझा करने से बचने की अपील की।
राजनीतिक सवाल—आरोपों के समर्थन में क्या हैं प्रमाण?
इस पूरे विवाद में अब दो सवाल प्रमुख हैं। पहला, भूपेश बघेल ने बिक्री की आशंका किस आधार पर जताई थी? दूसरा, क्या इस आशंका के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या निर्णय सामने आया है? मंत्रालय ने बिक्री की तैयारी संबंधी दावे को गलत बताया है, जबकि रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए धरने की चेतावनी दी है।
कांग्रेस को अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण सामने रखने चाहिए। राजनीतिक आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है, खासकर तब जब मामला हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका से जुड़ा हो।
BSP छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान
भिलाई इस्पात संयंत्र स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की प्रमुख इकाइयों में शामिल है। यह छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत, रोजगार और सहायक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए संयंत्र के भविष्य को लेकर किसी भी खबर पर लोगों की चिंता स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी खबरों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करना जरूरी है।
फिलहाल स्थिति यह है कि भूपेश बघेल ने अदाणी समूह के संभावित दौरे को बिक्री की आशंका से जोड़ा, रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं के निवास के सामने धरना देने का ऐलान किया और इस्पात मंत्रालय ने बिक्री की तैयारी संबंधी दावे को गलत बताया है। अब इस सियासी टकराव में आगे क्या होता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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