✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
कोरबाछत्तीसगढ़राजकाजसंगठनसमस्यासमीक्षा

बारिश, कीचड़ और टूटा पुल… फिर भी नहीं रुके कदम

आज की मरम्मत ही नहीं, भविष्य की मजबूती भी बने प्राथमिकता… इसी सोच के साथ कलेक्टर पहुँचे दूरस्थ गांवों तक
क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का किया निरीक्षण
पीएमजीएसवाय के ईई को पुल निर्माण के संबंध में दिए निर्देश

कोरबा, 06 अगस्त 2026/ बरसात के दिनों में जब नदी-नाले उफान पर होते हैं, तब गांवों के लिए पुल केवल सीमेंट और लोहे की संरचना नहीं होते, बल्कि जीवनरेखा बन जाते हैं। इन्हीं पुलों के सहारे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं, मरीज अस्पताल जाते हैं, किसान अपनी उपज बाजार तक ले जाते हैं और गांव शहर से जुड़े रहते हैं। ऐसे में जब कोई पुल क्षतिग्रस्त होता है तो सिर्फ रास्ता नहीं टूटता, बल्कि लोगों की दिनचर्या, सुविधाएं और उम्मीदें भी प्रभावित होती हैं।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

इसी संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच के साथ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत शहर से लगभग 90 से 100 किलोमीटर दूर पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सुदूर गांव पनगंवा, सुखरीताल, हरदेवा और सरमा पहुंचे। लगातार बारिश और तेज बहाव से यहां पुल एवं पुलियाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

तेज बारिश, कीचड़ से भरे रास्ते, फिसलन और जोखिम… हालात बिल्कुल आसान नहीं थे। कई स्थानों पर वाहन आगे नहीं बढ़ सके। इसके बावजूद गांवों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने अपनी कार रास्ते में ही छोड़ दी और कीचड़ भरे मार्ग पर पैदल चलकर निरीक्षण स्थल तक पहुंचे। उनका उद्देश्य केवल क्षति का आकलन करना नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि भविष्य में बनने वाले पुल और पुलियाएं इतनी मजबूत हों कि तेज बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित एवं उपयोगी बने रहें।

ग्राम सुखरीताल और हरदेवा के बीच नाले में उफान से क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश समाप्त होने के बाद नए पुल का निर्माण वैज्ञानिक डिजाइन और पर्याप्त जल निकासी क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी बाइक एवं अन्य साधनों से कठिन रास्ता तय कर मौके पर पहुंचे।

  महतारी वंदन योजना से मजबूत हुआ आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ीं गीता

कलेक्टर ने ग्राम पनगंवा में बकई नदी पर तेज बहाव से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत पनगंवा-सरमा मार्ग पर आवागमन की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इस पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री सी.एस. तँवर को बाढ़ आपदा राहत मद से प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सरमा तथा हरदेवा-सुखरीताल के बीच क्षतिग्रस्त पुलियाओं का भी निरीक्षण किया। ग्राम सरमा में लोक निर्माण विभाग की पुलिया पर तत्काल मिट्टी भरकर आवागमन शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके। वहीं सुखरीताल में बारिश समाप्त होते ही नई एवं अधिक मजबूत पुलिया के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का संदेश स्पष्ट था कि केवल क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करना पर्याप्त नहीं है। आवश्यकता ऐसे टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की है, जो आने वाले वर्षों में भी तेज बारिश और बाढ़ का सामना करते हुए ग्रामीणों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित कर सके। विकास की वास्तविक मजबूती ऐसे ही दूरदर्शी और स्थायी निर्माण कार्यों से सुनिश्चित होती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील भी की है कि भारी  बारिश  में नदी-नाले उफान पर रहने के दौरान वे इसे पार न करें।

Live Cricket Info

Related Articles

Back to top button