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KORBA BREAKING: ASI के घायल बेटे ने दम तोड़ा, हत्या में बदला मामला; डीजल चोर गिरोह से जुड़ रहे तार!

कोरबा। जिले से इस वक्त की बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। 6-7 जून की दरमियानी रात बुधवारी बायपास मार्ग पर बोलेरो से कुचलकर घायल किए गए ASI रामनारायण रात्रे के इकलौते पुत्र चंद्रमणि उर्फ दादू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में चंद्रमणि की मौत के बाद परिजनों और समाज में आक्रोश के साथ शोक की लहर है।

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घायल की मौत के बाद अब यह पूरा मामला हत्या (IPC 302/BNS) में तब्दील हो गया है। पुलिस महकमा भी अब हरकत में आया है और सूत्रों के मुताबिक 2 संदेही आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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🔴 पत्रकार के अपहरण और लूट से जुड़ा है मामला

घटना वाले दिन चंद्रमणि को टक्कर मारकर भाग रही बोलेरो का पीछा उसके मित्र व युवा पत्रकार अरविंद राठौर और साथी साहिल निर्मलकर ने स्कूटी से किया था। इसी दौरान बलगी मार्ग पर मोटरसाइकिल सवारों ने उन्हें रोका और एक वेन्यू कार (CG12, BG 8276) में पत्रकार अरविंद राठौर का अपहरण कर लिया गया।

बलगी मोड़ के पास 25 से 30 लोगों ने मिलकर पत्रकार अरविंद के साथ बेरहमी से मारपीट की। कनपटी पर पिस्टल अड़ाकर दो राउंड हवाई फायर भी किया गया। आरोपी अरविंद से 1 लाख रुपये नकद, आईफोन, सोने की अंगूठी और सोने की चेन लूट ले गए। घटना के तीन दिन बाद वेन्यू कार लावारिस हालत में मिली और बाद में अरविंद का मोबाइल बांकीमोंगरा थाने में जमा कराया गया। डीजल चोरों से जुड़ रहे तार, बांकीमोंगरा पुलिस के रवैये पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे खूनी खेल के तार कोयलांचल क्षेत्र (बांकीमोंगरा, कुसमुंडा, गेवरा-दीपका) में सक्रिय डीजल चोर गिरोह से जुड़े हुए हैं। पीड़ित पत्रकार ने घटना के दूसरे दिन ही एक आरोपी की पहचान पुलिस को बता दी थी, लेकिन इसके बावजूद 6 दिनों तक पुलिस के हाथ खाली रहे।

इधर, डकैती और अपहरण के संदेही आरोपियों के साथ मेलजोल को लेकर बांकीमोंगरा टीआई और कुछ पुलिस स्टाफ की भूमिका भी गंभीर सवालों के घेरे में है। आधुनिक संसाधनों से लैस साइबर टीम भी अब तक मोबाइल लोकेशन और टावर डंप के आधार पर आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।

❓ जनता का सवाल: क्यों हो रही है देरी?

घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अधिकारियों द्वारा खुलकर कुछ न बताने से जनता में मामले की लीपापोती करने की आशंका तैरने लगी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब विभाग के ही एक एएसआई (ASI) ने अपना इकलौता बेटा खो दिया है, तो ऐसे बेरहम हमलावरों और अपराधियों को बेनकाब करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है?

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ऑप्शन 2: विस्तृत न्यूज आर्टिकल फॉर्मेट (पोर्टल/अखबार के लिए)

## कोरबा में कानून व्यवस्था तार-तार: बोलेरो से कुचले गए ASI के पुत्र की मौत, पत्रकार अपहरण और डकैती मामले में बांकीमोंगरा पुलिस पर उठे सवाल

कोरबा: बुधवारी बायपास मार्ग पर हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल चंद्रमणि उर्फ दादू ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। चंद्रमणि, सहायक उप निरीक्षक (ASI) रामनारायण रात्रे के इकलौते पुत्र थे। रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दुखद खबर के बाद से स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। आक्रोश की मुख्य वजह घटना के 6 दिन बाद भी पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी की आधिकारिक गिरफ्तारी न दिखाया जाना है।

अपहरण, हवाई फायरिंग और डकैती का शिकार हुआ पत्रकार

यह मामला सिर्फ एक्सीडेंट का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध का हिस्सा नजर आ रहा है। घटना की रात जब चंद्रमणि को बोलेरो ने टक्कर मारी, तो मौके पर मौजूद उनके पत्रकार मित्र अरविंद राठौर और साहिल निर्मलकर ने स्कूटी से आरोपियों का पीछा किया। बलगी मार्ग पर कुछ बाइक सवारों ने उन्हें घेरा और वेन्यू कार (क्रमांक CG12, BG 8276) में अरविंद का अपहरण कर लिया।

बलगी मोड़ पर करीब 25-30 बदमाशों ने अरविंद पर जानलेवा हमला किया, कनपटी पर कट्टा टिकाकर हवाई फायर किया और उनसे आईफोन, सोने के जेवरात सहित 1 लाख रुपये कैश लूट लिए। पुलिस ने बाद में लावारिस कार और मोबाइल तो बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी अब भी गिरफ्त से दूर हैं।

डीजल चोर गिरोह और पुलिस की साठगांठ की आशंका

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस वारदात के पीछे बांकीमोंगरा, कुसमुंडा और गेवरा-दीपका क्षेत्र में सक्रिय ‘डीजल चोर गिरोह’ का हाथ है। पीड़ित पत्रकार द्वारा हुलिया और पहचान बताए जाने के बाद भी कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि बांकीमोंगरा टीआई और उनके कुछ मातहत कर्मचारियों के संबंध इन संदिग्ध आरोपियों के साथ हैं, जिसके चलते मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

हाईटेक साइबर सेल होने के बावजूद दोनों घटनास्थलों के सक्रिय मोबाइल नंबरों का समय पर विश्लेषण न कर पाना पुलिस की सुस्ती को बयां करता है। अब जबकि मामला हत्या में बदल चुका है, देखना होगा कि जिला पुलिस प्रशासन इन अपराधियों पर कब तक और क्या ठोस कार्रवाई करता है।

आपको इस खबर में किसी विशिष्ट लाइन को बदलना हो या कुछ और जोड़ना हो, तो अवश्य बताएं।

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प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

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