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Janjgir Champa News : – सीएससी बना अवैध वसूली, शिक्षकों के शोषण का अड्डा,सेवा पुस्तिका के नाम पर प्रति शिक्षक की जा रही पैंतीस सौ रुपए की उगाही,

पैसा देने से इंकार करने वाले शिक्षकों का सेवा पुस्तिका सत्यापन रोका जा रहा,

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लोकल आडिट के नाम पर पांच पांच हजार रुपए की वसूली,

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विभागीय संरक्षण से चल रहा भ्रष्टाचार का गोरख धंधा,

शोषित, निराश गुरू जनों से देश का भविष्य गढ़ने की उम्मीद बेमानी,

सीएससी व्यवस्था को समाप्त करने शिक्षकों ने की मांग, Janjgir Champa News :- जांजगीरचांपा जिले के नवागढ़ ब्लाक में संकुल प्रभारी द्वारा शिक्षकों से अवैध वसूली की गंभीर शिकायत सामने रही है।
सेवा पुस्तिका सत्यापन के नाम पर शिक्षकों से प्रति शिक्षक साढ़े तीन हजार रुपए की अवैध वसूली की जा रही है वहीं लोकल आडिट के नाम पर प्रति शाला पांच पांच हजार रुपए की उगाही की जा रही है।
चर्चा है कि शिक्षकों से इतनी बड़ी रकम की वसूली उच्चाधिकारियों के संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता।

यही कारण है कि संकुल समन्वयक के पद के लिए शिक्षकों में होड़ मची रहती है।
अधिकांश नियुक्ति राजनैतिक होती वहीं जो राजनीतिक जुगाड नहीं कर पाते वे बड़ी राशि देकर इस पद पर आसीन हो जाते हैं फिर चलता है लुट खसोट का नंगा नाच।

आज छत्तीसगढ़ का शिक्षक सिर्फ क्लासरूम में बोर्ड के सामने नहीं खड़ा होता, वह अंदर ही अंदर अपमान, अविश्वास और अनदेखी के बीच धीरेधीरे टूट भी रहा होता है। चुनाव से पहले जिन वादों ने उम्मीदों के फूल खिलाए थे, लगता है
वही सत्ता मिलते ही मुरझा गए।
युक्तियुक्तकरण के नाम पदस्थापना ने उसे घरपरिवार से दूर कर दिया,
गैरशैक्षिक कामों की मजबूरी ने उसके समय और सम्मान दोनों को चोट पहुँचाई,
और ब्लॉकजिला दफ्तरों में होने वाली खुली वसूली ने उसके मन में एक कड़वा डर बैठा दिया हैकि शायद इस सिस्टम में उसकी कोई कीमत ही नहीं रह गई। वह रोज़ कक्षा में बच्चों को उम्मीद सिखाता है,
लेकिन खुद धीरेधीरे उम्मीद खो रहा है। सबका भविष्य बनाने वाला यही शिक्षक,
आज खुद को सबसे ज़्यादा असुरक्षित, थका सा और अकेला हो गया हो।
मानो उसे भीतर से खोखला कर दिया गया हो

ग़ालिब भी ऐसे ही किसी वक़्त कह गए थे

दिल ही तो है संगख़िश्त, दर्द से भर आए क्यों,
रोएँगे हम भी अगर तेरी आँखों में आँसू आए।

आज जाँजगीर चांपा जिले के शिक्षक वही हैंदर्द से भरे हुए, मगर फिर भी बच्चों के सामने मुस्कुराने को मजबूर।

  जेवरा सिरसा में सरपंच के भतीजे की दुकान में आगजनी

छत्तीसगढ़ के जाँजगीर चांपा नवागढ़ विकासखंड से बड़ी खबर रही है जहां शिक्षा विभाग और सीएससी कर्मचारियों पर शिक्षकों से सेवा पुस्तिका के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्रति सेवा पुस्तिका 3500 रुपये वसूले जा रहे हैं और भुगतान करने वाले शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का सत्यापन रोक दिया जाता है, जिससे उनका विभागीय काम प्रभावित हो रहा है। इस पूरे मामले में विभागीय संरक्षण की आशंका जताई जा रही है, जिससे केवल पैसे देने वाले शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं आगे भेजी जा रही हैं, जबकि बाकी लंबित छोड़ दी जा रही हैं।
शिक्षक इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरे चिंतित हैं और आरोप लगाते हैं कि विभागीय बाबू और अधिकारी भी इस अवैध वसूली में लिप्त हैं, जिससे वे मानसिक और शारीरिक दबाव महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदेश के कई ब्लॉकों में भीलोकल ऑडिटके नाम पर चारपांच हजार रुपये की वसूली की खबरें मिल रही हैं। शिक्षक प्रतिनिधि दोषपूर्ण सीएससी व्यवस्था को समाप्त कर इसे संकुल प्राचार्य व्यवस्था में बदलने की मांग कर रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को जड़ से खत्म किया जा सके। साथ ही वे एक जांच दल द्वारा नवागढ़ समेत अन्य ब्लॉकों में चल रही वसूली की गहन जांच की भी मांग कर रहे हैं। इस गंभीर परिस्थिति को
ग़ालिब के इस मशहूर शेर के माध्यम से समझा जा सकता है:

था कुछ तो ख़ुदा था कुछ होता तो ख़ुदा होता,
डुबोया मुझको होने ने होता मैं तो क्या होता।

यह शेर उस व्यथा को बयां करता है जो आज नवागढ़ के शिक्षकों को झेलनी पड़ रही है।

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