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Chhattisgarh News:– डीएसपी कल्पना वर्मा पर RTI एक्टिविस्ट ने एक के बाद एक गंभीर सवाल दागे,42 लाख कैश से लेकर महादेव नेटवर्क तक कई मुद्दों पर जवाबदेही की मांग तेज,पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

रायपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश के जानेमाने आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर डीएसपी कल्पना वर्मा को लेकर कई संवेदनशील और गंभीर सवाल उठाए हैं। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि इन सवालों की निष्पक्ष और त्वरित जांच आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की पक्षपात या अव्यवस्था की संभावना समाप्त हो सके।

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कुणाल शुक्ला ने ट्वीट में पूछा कि डीएसपी कल्पना वर्मा के पिता के पास 42 लाख रुपये नकद कैसे आए और इसका स्रोत क्या है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या कल्पना वर्मा दंतेवाड़ा जिले में सक्रिय महादेव ऐप नेटवर्क को संरक्षण देने का प्रयास कर रही थीं।

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इसके अलावा शुक्ला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उनके संबंधों पर भी संदेह जताया। उन्होंने लिखा कि किन अधिकारियों के सहयोग या संरक्षण के कारण उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आरटीआई एक्टिविस्ट ने महंगे उपहारों और सोशल मीडिया पर फैशनेबल तस्वीरों के मामले पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि क्या कल्पना वर्मा ने शासनप्रशासन से उपहार लेने के लिए औपचारिक अनुमति ली थी और क्या उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर दिखाए गए फोटो सिविल सेवा आचार संहिता के अनुरूप हैं।

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शुक्ला ने उनके परिवार की संपत्ति की भी जांच की मांग उठाई। उन्होंने लिखा कि कल्पना वर्मा की सरकारी सेवा में आने के बाद उनके परिवार की संपत्ति में कितनी वृद्धि हुई, इसे भी जांच का विषय बनाया जाना चाहिए।

कुणाल शुक्ला ने यह भी कहा कि इन सभी गंभीर सवालों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई होना छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली और दक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इस स्थिति में पुलिस विभाग साधारण प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी से भी कमतर नजर आने लगा है।

इस मामले ने प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है, और राज्य की जनता पुलिस विभाग से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।

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