छत्तीसगढ़

पिकनिक स्पॉट पर फिर लापरवाही बनी मौत का कारण, 22 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत

 

प्रशासन की अनदेखी से बढ़ रहा हादसों का सिलसिला, सुरक्षा इंतजाम नदारद

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जांजगीर-चांपा। जिले के चर्चित देवरी पिकनिक स्पॉट पर प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर एक निर्दोष जान पर भारी पड़ गई। रविवार को 22 वर्षीय सप्रग्य पाण्डेय की तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। युवक अपने तीन दोस्तों के साथ बनारी गांव से पिकनिक मनाने आया था, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते यह मस्ती का पल एक दर्दनाक हादसे में बदल गया।

स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने के बाद गोताखोर और पंतोरा पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

लगातार हो रहे हादसे, लेकिन प्रशासन बेखबर

देवरी पिकनिक स्पॉट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाने को तैयार नहीं है। न तो यहां सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, न ही लाइफ जैकेट या बचाव उपकरण उपलब्ध हैं। नतीजा यह है कि हर साल कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते यह इलाका मौत का जाल बनता जा रहा है। यहां चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगे हैं, जिससे लोग अनजाने में खतरनाक इलाकों में चले जाते हैं।

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परिजनों और ग्रामीणों में रोष, उठी सख्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग

युवक की असमय मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूछा कि “आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे?”

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—

✔ सुरक्षा गार्ड और लाइफ गार्ड की तैनाती की जाए।
✔ खतरनाक क्षेत्रों को चिह्नित कर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
✔ आपातकालीन बचाव उपकरणों की व्यवस्था हो।
✔ नदी में स्नान के लिए सुरक्षित क्षेत्रों का सीमांकन किया जाए।

क्या प्रशासन जागेगा या फिर हादसे यूं ही चलते रहेंगे?

यह पहली बार नहीं है जब देवरी पिकनिक स्पॉट पर किसी की जान गई हो। पहले भी कई लोग यहां डूब चुके हैं, लेकिन प्रशासन हमेशा की तरह मूकदर्शक बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या इस बार प्रशासन नींद से जागेगा, या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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