✖
🔔

प्रखरभूमि न्यूज़

प्रखरभूमि में बेहतरीन खबरों को तुरंत पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें।

📊 12,000+ पाठक पहले ही जुड़ चुके हैं
कोरबाछत्तीसगढ़मौसमराजकाजसमस्यासुरक्षा

वर्षा में बह गया गेवरा खदान का रेस्ट शेल्टर: घटना के समय अंदर नहीं थे कर्मचारी, टल गया बड़ा हादसा

कोरबा : एसईसीएल की गेवरा कोयला खदान में सोमवार को तेज बारिश के दौरान माइनिंग स्टाफ के लिए बनाया गया रेस्ट शेल्टर पानी के तेज बहाव में बहकर खदान की गहरी खाई में जा गिरा। घटना गणेश सावेल क्षेत्र की है। राहत की बात यह रही कि जिस समय पानी का बहाव बढ़ा, उस दौरान शेल्टर के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया।

बताया जा रहा है कि खदान क्षेत्र में करीब एक घंटे तक तेज वर्षा हुई। इसके बाद ऊपरी हिस्से से निचले क्षेत्र की ओर पानी का बहाव बढ़ गया। पानी की चपेट में आने से टिन शेड से बना रेस्ट शेल्टर अपनी जगह से उखड़ गया और तेज बहाव के साथ खदान की गहराई में जा गिरा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शेल्टर को पानी के बहाव में बहते हुए देखा जा सकता है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

खदान में तैनात शिफ्ट इंचार्ज, माइनिंग सरदार और ओवरमैन धूप व वर्षा से बचने के लिए इस शेल्टर का उपयोग करते थे। ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के आराम करने के लिए यह स्थान बनाया गया था। वर्षा के दौरान जिस तरह से पानी का बहाव बढ़ा और पूरा ढांचा बह गया, उससे शेल्टर की स्थिति और वहां पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि शेल्टर के आसपास वर्षा के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से तेज वर्षा के बाद पानी एकत्रित होकर बहाव में बदल गया और इसकी चपेट में शेल्टर आ गया। हालांकि, घटना के समय कर्मचारियों के वहां मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई।

  2 हजार से ज्यादा वैकेंसी, एक से दो दिन में शुरू हो जायेंगे आवेदन

दो साल पहले कुसमुंडा में गई थी कर्मचारी की जान

वर्षा के दौरान खदान क्षेत्र में जलभराव और तेज बहाव का खतरा पहले भी जानलेवा साबित हो चुका है। जुलाई 2024 में कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेस क्षेत्र में तेज वर्षा के बाद पानी और मलबे का अचानक तेज बहाव आया था। उस समय छह अधिकारी-कर्मचारी इसकी चपेट में आए थे। पांच कर्मचारी बच गए थे, जबकि अंडर मैनेजर एवं शिफ्ट इंचार्ज जितेंद्र कुमार नागरकर बहाव में फंस गए थे। अगले दिन बचाव दल ने उनका शव मलबे से बरामद किया था।

सुरक्षा इंतजामों पर फिर सवाल

गेवरा में रेस्ट शेल्टर बहने की घटना ने एक बार फिर वर्षा के दौरान खदान में कर्मचारियों की सुरक्षा और अस्थायी ढांचों की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर जहां वर्षा का पानी ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर आता है, वहां जल निकासी और सुरक्षित विश्राम स्थल की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। वर्तमान घटना में किसी कर्मचारी के मौजूद नहीं होने से जनहानि नहीं हुई, लेकिन शेल्टर का बह जाना सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत जरूर सामने लाता है।

Live Cricket Info

प्रखर भूमि

प्रखरभूमि एक RNI में पंजीकृत साप्ताहिक समाचार पत्र है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2013 में हुई। अब इसका डिजिटल संस्करण भी इस वेबसाइट के माध्यम से पाठकों तक उपलब्ध है, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश-दुनिया की महत्वपूर्ण और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित की जाती हैं।

Related Articles

Back to top button