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छत्तीसगढ़

1 अक्टूबर से PWD में बदलेगा टेंडर सिस्टम, नई निविदाएं अब GePNIC पोर्टल पर होंगी

पुराना पोर्टल होगा बंद, ठेकेदारों को नए सिस्टम पर कराना होगा Enrollment; अधिकारियों की यूजर आईडी, रोल मैपिंग और DSC भी अनिवार्य

रायपुर, 18 सितम्बर 2026/ लोक निर्माण विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से विभाग की सभी नई निविदाओं का सृजन और प्रकाशन Government e-Procurement-NIC (GePNIC) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। यानी नई निविदाओं के लिए ठेकेदारों को पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के बजाय अब GePNIC को ही नए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

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नई व्यवस्था लागू होने से पहले लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों को तकनीकी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का जोर इस बात पर है कि 1 अक्टूबर से नई निविदाओं की प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी सामने न आए।

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नई निविदा प्रक्रिया पूरी तरह GePNIC पर

1 अक्टूबर 2026 से नई निविदाओं से जुड़ी पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया GePNIC पोर्टल पर संचालित होगी। इसमें निविदा का सृजन, प्रकाशन, बिड प्राप्ति, तकनीकी मूल्यांकन और वित्तीय मूल्यांकन सहित संबंधित कार्यवाहियां शामिल हैं। इस बदलाव के बाद नई निविदाओं के लिए पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्रक्रिया संचालित नहीं की जाएगी।

विभाग ने ठेकेदारों को नई व्यवस्था के अनुरूप समय रहते तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निविदा प्रक्रिया में भाग लेते समय अंतिम समय पर तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।

ठेकेदारों के लिए Enrollment जरूरी

नई निविदाओं में भाग लेने वाले ठेकेदारों को GePNIC पोर्टल पर Enrollment (नामांकन) कराना होगा। लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदारों तक नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। ठेकेदारों को समय रहते नए पोर्टल पर अपना नामांकन पूरा करने के लिए कहा गया है।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ ठेकेदार संघ के अध्यक्ष वीरेश शुक्ला और रूपेश सिंघल को पत्र भेजकर नई व्यवस्था की जानकारी ठेकेदारों तक पहुंचाने तथा उन्हें GePNIC पर Enrollment के लिए प्रेरित करने को कहा है।

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अधिकारियों की भी पूरी करनी होगी डिजिटल तैयारी

नई व्यवस्था के तहत केवल ठेकेदारों को ही नहीं, बल्कि विभागीय अमले को भी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। सभी निविदा आमंत्रण अधिकारियों, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन समिति के सदस्यों तथा संबंधित कर्मचारियों को यूजर आईडी बनवाने, रोल मैपिंग और Digital Signature Certificate (DSC) की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग चाहता है कि नई प्रणाली लागू होने के साथ ही अधिकारी ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को सुचारु रूप से संचालित कर सकें। इसके लिए जरूरी डिजिटल एक्सेस और प्रमाणपत्र पहले से तैयार करने पर जोर दिया गया है।

30 सितंबर तक पुराना पोर्टल, 31 मार्च 2027 तक निपटेंगे पुराने टेंडर

पुराने और नए टेंडर सिस्टम के बीच संक्रमण को लेकर विभाग ने समय-सीमा भी तय की है। 30 सितम्बर 2026 तक पुराने ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर प्रकाशित निविदाओं से संबंधित बिड प्राप्ति, मूल्यांकन, स्वीकृति और अन्य लंबित ऑनलाइन कार्यवाहियां 31 मार्च 2027 तक पुराने पोर्टल पर पूरी की जाएंगी।

इसके बाद वर्तमान ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर निविदा संबंधी किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं होगी। इस तरह 1 अक्टूबर से जारी होने वाली नई निविदाएं और पुराने पोर्टल पर पहले से प्रकाशित निविदाएं कुछ समय तक अलग-अलग प्रणालियों के माध्यम से संचालित होंगी।

टेंडर प्रक्रिया में डिजिटल बदलाव की तैयारी

लोक निर्माण विभाग में GePNIC लागू होने के बाद नई निविदाओं से जुड़ी प्रक्रिया नए सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम पर आगे बढ़ेगी। विभाग ने ठेकेदारों और अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा में जरूरी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है।

नई व्यवस्था के तहत ठेकेदारों के लिए GePNIC पर Enrollment और विभागीय अधिकारियों के लिए यूजर आईडी, रोल मैपिंग तथा DSC की तैयारी महत्वपूर्ण होगी। विभाग का उद्देश्य है कि 1 अक्टूबर 2026 से सभी नई निविदाएं नए पोर्टल पर बिना तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन के संचालित हो सकें।

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